देश की खबरें | न्यायालय ने प्रीति चंद्रा के डोमिनिकन गणराज्य की नागरिकता छोड़ने पर केंद्र से अपना रुख बताने को कहा

नयी दिल्ली, 25 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र से कहा कि वह धनशोधन मामले में आरोपी यूनिटेक के पूर्व प्रवर्तक संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा द्वारा डोमिनिकन गणराज्य की नागरिकता छोड़ने को लेकर अपने रुख से उसे अवगत कराये।

प्रीति अपनी भारतीय नागरिकता की बहाली भी चाहती हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रीति ने डोमिनिकन गणराज्य की अपनी नागरिकता छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह किसी देश की नागरिक रहने से वंचित न रह जाएं इसलिए प्रीति को भारतीय नागरिकता दी जानी चाहिए।

पीठ ने कहा था कि वह (प्रीति) भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करेंगी और इस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इसने डोमिनिकन गणराज्य की नागरिकता छोड़ने के उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।

प्रीति के वकील ने शुक्रवार को कहा, ‘‘डोमिनिकन गणराज्य की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन हमने टाइम्स ऑफ इंडिया में एक विज्ञापन दिया है, जिसमें कहा गया है कि उनकी मुवक्किल ने डोमिनिकन रिपब्लिक की नागरिकता छोड़ दी है।’’ इसके बाद अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईसी) और केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से इस मुद्दे पर निर्देश लेने को कहा और सुनवाई स्थगित कर दी।

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