देश की खबरें | अदालत ने निजी कंपनी के एमडी को वीडियो कॉन्फ्रेंस से सीबीआई के समक्ष पेश होने की अनुमति दी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुंबई हवाईअड्डे के संचालन में 705 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के आरोपी एक निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक को वीडियो कॉन्फ्रेंस से सीबीआई के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होने की अनुमति बुधवार को प्रदान की।

सीबीआई ने माना कि नाइस प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) सरताज अली को दिल्ली से बाहर यात्रा की जरूरत नहीं है और जांच एजेंसी के अधिकारी उनसे या तो वीडियो कॉन्फ्रेंस से या उनके दिल्ली आवास पर पूछताछ करेंगे। इसके बाद न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने अनुरोध को स्वीकार कर लिया।

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अदालत को सूचित किया गया कि अली 67 वर्ष के हैं और उन्हें अनेक सेहत संबंधी समस्याएं हैं। कोविड-19 महामारी के कारण उन्होंने घर से जांच में शामिल होने की अनुमति मांगी।

अली की तरफ से वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि वह वरिष्ठ नागरिक हैं और उन्हें कोविड-19 संक्रमण का खतरा है। अगर उनका दिल्ली से मुंबई जाना अनिवार्य हुआ तो उन्हें हवाईअड्डों और उड़ानों में जाना होगा और वहां ठहरना होगा।

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वकील उरफी हैदर और कुणाल श्रीवास्तव के माध्यम से दायर याचिका में अली ने सीबीआई की मुंबई स्थित आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के समक्ष पेश होने के लिये जारी नोटिस को चुनौती दी।

अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि उन्होंने सीबीआई को दस्तावेज दे दिये हैं।

सीबीआई की ओर से वकील अनुपम एस शर्मा ने अदालत में कहा कि एजेंसी के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस से पूछताछ करने के लिए तैयार हैं।

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