गुवाहाटी, 24 अगस्त गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने 2004 के धेमाजी बम विस्फोट मामले में बृहस्पतिवार को सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया।
स्वतंत्रता दिवस के दिन हुए इस धमाके में 13 स्कूली बच्चों सहित 18 लोग मारे गए थे।
न्यायमूर्ति माइकल जोथनखुमा और न्यायमूर्ति मृदुल कुमार की खंडपीठ ने धेमाजी जिला एवं सत्र अदालत के 2019 के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें चार आरोपियों को आजीवन कारावास और दो अन्य को चार साल की सजा सुनाई गई थी।
उच्च न्यायालय ने 24 जुलाई को छह आरोपियों द्वारा दायर अपील पर सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया।
जिला अदालत ने दीपांजलि बुरागोहेन, मुही हांडिक, जतिन दुबोरी और लीला गोगोई को आजीवन कारावास की सजा जबकि प्रशांत भुइयां और हेमेन गोगोई को चार साल जेल की सजा सुनाई थी।
यह विस्फोट स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान धेमाजी कॉलेज के मैदान में हुआ था। इस घटना में करीब 45 लोग घायल हुए थे।
समारोहों के बहिष्कार का आह्वान करने वाले प्रतिबंधित संगठन उल्फा ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी।
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