जरुरी जानकारी | अनियंत्रित मत्स्यन को बढ़ावा देने वाली सब्सिडी देने वाले देश इस पर रोक लगायें: भारत

नयी दिल्ली, दो नवंबर भारत ने सोमवार को कहा कि बेहिसाब मत्स्यन के लिये बड़े पैमाने पर सब्सिडी देने वाले विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य देशों को सबसे पहले ‘नुकसानदायक’ मदद के उन उपायों को वापस लेना चाहिए जिससे क्षेत्र को स्वस्थ बनाये रखने पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

भारत के डब्ल्यूटीओ में राजदूत और स्थायी सदस्य ने मत्स्यन सब्सिडी को लेकर 2 नवंबर, 2020 को नियमों पर बातचीत कर रहे समूह (एनजीआर) की बैठक में यह बात कही।

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इस वार्ता का मकसद सब्सिडी के मामले में एक अनुशासन लाना है ताकि मत्स्यन क्षेत्र का स्वस्थ तरीके से विकास हो और अवैध तथा अनियंत्रित मत्स्यन गतिविधियों पर अंकुश लगे।

भारत ने यह भी कहा कि वह मत्स्यन सब्सिडी के मामले में अनुशासन लाने के इरादे से इस बातचीत से जुड़ा है। हालांकि सदस्य देशों को यह भी देखना है कि इस प्रकार की बातचीत में विकासशील और कम-विकिसत देशों के लिये विशेष और अलग व्यवहार की व्यवस्था बनी रहे।

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बैठक में दिये गये बयान के अनुसार, ‘‘हम सभी इस बात से सहमत हैं कि बातचीत का मकसद व्यापार के बजाए क्षेत्र के स्वसथ तरह से विकास है। इसीलिए, भारत का इस बात पर भरोसा है कि जो ‘प्रदूषण फैला रहा है, वह नुकसान की भरपाई की लागत का वहन करे।’ इस सिद्धांत को मत्स्यन क्षेत्र को सतत बनाने में लागू किया जाना चाहिए और इस वार्ता को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’’

सरकार ने कहा कि जो बड़ी मात्रा में सब्सिडी दे रहे हैं और अवैध तथा बेहिसाब मत्स्यन को बढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें सबसे पहले जिम्मेदारी लेनी चाहिए और क्षेत्र के बेहतर तरीके से और सतत विकास को लेकर नुकसानदायक सब्सिडी में कमी लानी चाहिए।

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