नयी दिल्ली, 24 मई केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि बृहस्पतिवार को ऋषिकेश में शुरू हो रहे जी20 भ्रष्टाचार विरोधी कार्यसमूह की दूसरी बैठक के एजेंडा में अंकेक्षण संस्थानों की भूमिका, सार्वजनिक निकायों की ईमानदारी और प्रभावशीलता तथा महिलाओं पर भ्रष्टाचार का प्रभाव आदि मुद्दे शामिल हैं।
सिंह ने कहा कि बैठक में, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, चुराई गई संपत्ति की वसूली के तरीके, मौजूदा पारस्परिक कानूनी सहायता ढांचे की प्रभावशीलता का विश्लेषण और भगोड़े आर्थिक अपराधियों के जल्दी प्रत्यर्पण आदि विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के महिलाओं पर प्रभाव को बैठक के दौरान उजागर किया जाएगा।
सिंह ने ऋषिकेश (उत्तराखंड) में 25 मई से शुरू होने वाली तीन दिवसीय जी20 भ्रष्टाचार रोधी कार्यसमूह की दूसरी बैठक से पहले बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, "सरकार भ्रष्टाचार और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति की दिशा में काम कर रही है। हमने इन दोनों समस्याओं के हल को लेकर लगातार जोर दिया है। आर्थिक अपराधियों की वापसी सुनिश्चित करने में जी20 देशों के सहयोग और गबन किए गए पैसों की उनसे वसूली के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।"
सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार से हुई आय का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण के लिए भी किया जा सकता है।
यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक के दौरान भगोड़े आर्थिक अपराधी नीरव मोदी और विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर भी चर्चा हो सकती है, मंत्री ने कहा, "चर्चा व्यापक है और व्यक्तियों पर केंद्रित नहीं है।’’
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में सचिव एस राधा चौहान ने कहा कि भारत ने पहली बार बैठक के दौरान, महिलाओं पर भ्रष्टाचार के प्रभाव पर चर्चा का प्रस्ताव किया है।
चौहान ने कहा, "हमने लिंग और भ्रष्टाचार पर चर्चा का प्रस्ताव दिया है। देखते हैं कि यह किस प्रकार आगे बढ़ता है।’’
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