नयी दिल्ली, 14 अगस्त कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने आधारभूत अवसंरचना की परियोजनाओं में ‘घोर भ्रष्टाचार’ और सरकार की ‘अक्षमता’ को उजागर किया है।
मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कैग की ‘द्वारका एक्प्रेसवे’ से संबंधित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा।
खरगे ने ‘एक्स’ (पूर्व नाम ट्विटर) पर पोस्ट किया, ‘‘भाजपा का भ्रष्टाचार और लूट देश को तबाही की ओर ले जा रहा है! मोदी सरकार के खिलाफ एक रिपोर्ट में कैग ने बताया है कि भारतमाला परियोजना में अनगिनत कमियां हैं, मापदंडों की अनुपालना नहीं हुई है, निविदा बोली प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है, एवं धन का भारी कुप्रबंधन है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘इस परियोजना में धोखाधड़ी का एक ज्वलंत उदाहरण द्वारका एक्सप्रेसवे है। कैग ने खुलासा किया है कि इस परियोजना की लागत मूल रूप से 528.8 करोड़ रुपये अनुमानित की गई थी, लेकिन बाद में बढ़कर 7287.2 करोड़ रुपये हो गई - 1278 प्रतिशत की भारी वृद्धि !!’’
खरगे ने आरोप लगाया कि बिना किसी विस्तृत रिपोर्ट के द्वारका एक्सप्रेसवे का मूल्यांकन और अनुमोदन किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘नियोजित टोल दरें परियोजना की पूंजीगत लागत की वसूली में बाधा बनेंगी और इसके परिणामस्वरूप यात्रियों पर अनुचित आर्थिक बोझ पड़ेगा।’’
खरगे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, अपने विरोधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का राग अलापने से पहले आपको अपने अंदर झांकने की जरूरत है, क्योंकि आपकी देखरेख में यह सब हो रहा है !! 2024 में, ‘इंडिया’ आपकी सरकार को जवाबदेह बनाएगा।’’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में दावा किया, ‘‘कल आख़िरी बार लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री झूठ की बौछार करेंगे। पिछले हफ़्ते पूरे देश ने संसद में उनके झूठ की सुनामी देखी थी। कल उसका और विकराल रूप दिख सकता है। लेकिन क्या उनमें अपनी सरकार और अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार और अक्षमता पर सवाल उठाने का साहस होगा?’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले हफ़्ते, जब मोदी सरकार अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपनी कई विफलताओं से ध्यान भटकाने, उन्हें नकारने और तथ्यों को तोड़ मरोड़ का पेश करने में व्यस्त थी, तभी कैग ने संसद में रिपोर्ट्स की एक श्रृंखला पेश की थी। कैग जिसकी ख़ुद की शक्तियां सीमित कर दी गई है, वह भी मोदी सरकार के घोर भ्रष्टाचार और अक्षमता को उजागर करने में सक्षम रही।’’
रमेश के अनुसार, कैग ने काफ़ी ज़्यादा प्रचारित-प्रसारित भारतमाला परियोजना में कुल लागत में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का खुलासा किया है। इस परियोजना को मंजूरी किसी और ने नहीं बल्कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने दी थी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। इसकी निगरानी भी सीसीईए ही करती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से जवाब चाहते हैं, चुप्पी तोड़िए प्रधानमंत्री जी!’’
हक हक रंजन
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