विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रायन ने ला मोंडे अखबार को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुझे ऐसा लगता है कि बरसों से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर रही दरार को हम चौड़ी होते देख रहे हैं। महामारी का सिलसिला जारी है, शक्तिशाली देशों के बीच संघर्ष विभिन्न तरीकों के संघर्ष से।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह डर है कि विश्व (इस महामारी के बाद) पहले की दुनिया के समान ही हो जाएगा, लेकिन और अधिक खराब।’’
महामारी से निपटने में चीन के तौर तरीकों की अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों में आलोचना बढ़ती जा रही है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी में दुनिया भर में 1,64,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है और विश्व की अर्थव्यवस्था घुटने के बल आ गई है।
चीन के वुहान शहर से दुनिया भर में फैली इस महामारी से अब सर्वाधिक प्रभावित देश अमेरिका हो गया है।
हालांकि, चीन ने अपने यहां कोरोना वायरस उत्पन्न होने से जुड़ी कोई सूचना छिपाने से इनकार किया है और दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने यह वायरस लाया होगा।
पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को वित्तीय अनुदान आंशिक रूप से रोकने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संस्था चीन का बचाव कर रही है।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति का कदम बहुपक्षीय व्यवस्था के लिये एक और चुनौती है।’’
एएफपी
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