देश की खबरें | कोरोना वायरस संक्रमित महिला ने दिया तीन बच्चों को जन्म
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

रायपुर, 29 अक्टूबर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना वायरस संक्रमित एक महिला ने एकसाथ तीन बच्चों को जन्म दिया है।

एम्स के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि संस्थान के नियोनेटोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की निगरानी में धमतरी जिले की निवासी 28 वर्षीय कोरोना वायरस संक्रमित महिला ने एकसाथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। वहीं वायरस से संक्रमित दुर्ग निवासी महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया है। सभी नवजात शिशु बालिका हैं।

यह भी पढ़े | 3 BJP Activists Killed in South Kashmir: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या की, पुलिस जांच में जुटी.

अधिकारियों ने बताया कि पांचों बच्चे एनआईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी में रखे गए हैं, जिनमें से दो बच्चों को उनकी मां के पास भेज दिया गया है। वहीं तीन बच्चे अभी भी एनआईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में है।

कोविड-19 पीड़ित महिला के तीन नवजात शिशुओं के प्रसव का एम्स में यह पहला मामला है।

यह भी पढ़े | MP By Poll Election 2020: ज्योतिरादित्य सिंधिया का कमलनाथ पर निशाना, कहा-इस व्यक्ति के अहंकार को 3 तारीख को जनता चूर-चूर करेगी; देखें वीडियो.

उन्होंने बताया कि धमतरी निवासी 28 वर्षीय महिला और उनका पति शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों की देखरेख में महिला का समय से पहले प्रसव 18 अक्टूबर को हुआ। महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया।

अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाकर उनका उपचार करना चुनौतीपूर्ण था। एम्स के चिकित्सकों ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए उपचार किया। उन्होंने बताया कि लगभग पांच दिनों तक तीनों बच्चे एनआईसीयू में रहे। उन्होंने बताया कि इनमें से दो को ठीक होने के बाद मां के पास भेज दिया गया है। वहां पूर्ण सुरक्षा के साथ बच्चों की देखरेख की जा रही है। एक बच्चा अभी भी एनआईसीयू में है।

उन्होंने बताया कि बच्चों को लगातार वेंटीलेटर और आक्सीजन की सहायता से रखा गया। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा को देखते हुए इन बच्चों का अभी और जांच होनी है।

अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले की कोरोना वायरस संक्रमित 33 वर्षीय महिला ने 19 अक्टूबर को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाते हुए उपचार प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों को फेफड़े संबंधी दिक्कतें हैं। उन्हें एनआईसीयू में भर्ती किया गया है। बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए नमूना जांच के लिए भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि एम्स के निदेशक नितिन एम नागरकर ने इसके लिए एनआईसीयू की प्रभारी डॉक्टर फाल्गुनी पाढ़ी को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के चुनौतीपूर्ण कार्य को स्वीकार कर सभी ने अपनी विशेषज्ञता को सिद्ध किया है।

नागरकर ने बताया कि एनआईसीयू में सभी सुविधाओं से युक्त 20 बिस्तर हैं। इनके अलावा दो बिस्तर कोरोना वायरस संक्रमित बच्चों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)