देश की खबरें | कोरोना ने अदालतों को प्रौद्योगिकी के अनुरूप ढालने के लिए प्रोत्साहित किया: न्यायमूर्ति सिकरी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, छह दिसंबर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सिकरी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी लोगों के लिए ढेरों कठिनाइयां लेकर आयीं लेकिन उसने अदालतों को काफी हद तक प्रौद्योगिकी के अनुरूप ढालने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उनका हालांकि यह भी कहना है कि न्यायपालिका के सामने देश के सुदूर हिस्सों में अदालतों के लिए कानूनी प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने की भी चुनौती है।

यह भी पढ़े | Farmers Protest: कृषि कानून को लेकर किसानों का आंदोलन, NCP प्रमुख शरद पवार 9 दिसंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से करेंगे मुलाकात.

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा विशाल देश है। हमारे यहां बस उच्चतम न्यायालय या महानगरों में उच्च न्यायालय ही नहीं हैं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में और सुदूर भागों में छोटे उच्च न्यायालय, मुफस्सिल अदालतें और जिला अदालतें हैं जहां शायद यह प्रौद्योगिकी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय इन चुनौतियों पर काम कर रहा है।

यह भी पढ़े | इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव हुईं साइबर क्राइम का शिकार, केस दर्ज.

अब ‘सिंगापुर इंटरनेशनल कॉमर्शियल कोर्ट’ में अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिकरी शनिवार को ‘लीगल पावरलिस्ट 2020’ विषयक डिजिटल परिचर्चा में बोल रहे थे।

इस परिचर्चा में वरिष्ठ वकील आर वेंकटरमानी ने सोशल मीडिया पर न्यायाधीशों और न्यायपालिका की हो रही आलोचना के मुद्दे पर कहा कि ऑनलाइन मंचों पर बिना सोचे-समझे आचरण करने वालों पर अंगुलियां उठाने के बजाय सोशल मीडिया का जिम्मेदार ढंग से इस्तेमाल करने की संस्कृति विकसित करने की जरूरत है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)