विदेश की खबरें | ट्रंप शासनकाल के अंत के दौरान भी चल रहा मृत्युदंड का सिलसिला, 130 साल पुराने दौर की यादें ताजा

निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के अमेरिका की कमान संभालने से कुछ हफ्ते पहले ट्रंप प्रशासन की चार और दोषियों को मृत्युदंड देने की योजना है, जिनमें से एक दोषी को शुक्रवार को मौत की सजा दी जानी है।

इससे पहले नवंबर के अंत में एक दोषी को मौत की सजा दी गई थी।

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1999 में टेक्‍सास के सैन्‍य अड्डे पर दोहरे हत्‍याकांड का दोषी बर्नार्ड को इंडियाना के तेर्रे हाउते की एक जेल में फेनोबार्बिटल का इंजेक्शन लगाकर मौत की नींद सुला दिया गया। 40 वर्षीय बर्नार्ड को नौ बजकर 27 मिनट पर मृत घोषित कर दिया गया। इसे अमेरिका में ऐसे किसी व्यक्ति को मौत की सजा देने का दुर्लभ मामला बताया जा रहा है, जो अपराध को अंजाम देने के समय किशोरावस्था में था।

टीवी स्टार किम कार्दिशियां वेस्ट समेत कई नामचीन हस्तियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बर्नार्ड की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की अपील की थी।

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अमेरिका में राष्ट्रपति के सत्ता हस्तांतरण के दौरान उसके प्रशासन द्वारा मौत की सजा दिया जाना दुर्लभ है। बीते 130 साल में किसी राष्ट्रपति का शासनकाल खत्म होने के दौरान मृत्युदंड देने का यह पहला सिलसिला बताया जा रहा है।

इससे पहले 1890 के दशक में ऐसा हुआ था जब किसी राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के दौरान मौत की सजा दिये जाने का सिलसिला चलता रहा था। उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड थे।

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