इस्लामाबाद, सात जून जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच एक रचनात्मक दृष्टिकोण और विश्वास बहाली के उपाय उनके संबंधों में सुधार और कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बेरबॉक ने पाकिस्तान की पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान अपने पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान यह बात कही।
एक सवाल के जवाब में जर्मनी की विदेश मंत्री ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र संकल्पों के अनुरूप कश्मीर मुद्दे के समाधान का समर्थन करती हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच एक रचनात्मक दृष्टिकोण और विश्वास बहाली के उपाय उनके संबंधों में सुधार और कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बेरबॉक ने वर्ष 2021 में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम को लेकर सहमति जताने के कदम का स्वागत किया और दोनों पक्षों की ओर से तनाव कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बिलावल ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति ‘‘कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान पर निर्भर है।’’
सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत में कथित तौर पर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और इस्लामोफोबिया के बढ़ते मामलों का तत्काल संज्ञान लेने का आह्वान किया।
भाजपा नेताओं की पैंगबर मोहम्मद पर की गई हालिया विवादास्पद टिप्पणियों का हवाला देते हुए बिलावल ने कहा कि इस तरह के ‘‘अपमानजनक और निंदनीय बयानों ने दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।’’
उल्लेखनीय है कि भारत ने बार-बार पाकिस्तान से कहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। भारत ने पाकिस्तान को वास्तविकता को स्वीकार करने और भारत-विरोधी दुष्प्रचार बंद करने की भी सलाह दी है।
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