देश की खबरें | सीआईएसएफ में बतौर कांस्टेबल महिलाओं की भर्ती पर विचार : केंद्र ने अदालत को बताया

नयी दिल्ली, 11 मई केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि वह सीआईएसएफ में पुरुषों के समतुल्य कांस्टेबल/चालक और कांस्टेबल/चालक-सह-पंप ऑपरेटर (अग्निशमन सेवाओं के लिए ड्राइवर) के पद पर महिलाओं की भर्ती के लिए प्रावधान पर विचार कर रहा है।

मुख्य न्यायाधीश सतीशचंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ को यह भी सूचित किया गया कि इसी तरह के बदलाव अन्य अर्धसैनिक संगठनों के लिए विचाराधीन हैं।

केंद्र सरकार ने भर्ती नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिये आठ सप्ताह का समय मांगा है।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में कांस्टेबलों और वाहन चालकों की भर्ती में महिलाओं के खिलाफ “संस्थागत भेदभाव” का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार के वकील द्वारा यह बयान दिया गया।

पीठ ने अपने नौ मई के आदेश में कहा, “विद्वान सीजीएससी (केंद्र सरकार के स्थायी वकील) ने इस अदालत को सूचित किया है कि सीआईएसएफ द्वारा 23 मार्च 2023 को भर्ती नियमों में संशोधन के लिए एक प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है ताकि कॉन्स्टेबल/चालक और कॉन्स्टेबल/चालक-सह-पंप ऑपरेटर (अग्निशमन सेवाओं के लिए चालक) के पद के लिए सीआईएसएफ में पुरुषों के बराबर महिलाओं की भर्ती का प्रावधान किया जा सके।”

पीठ में न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद भी शामिल हैं।

अदालत ने कहा, “उनके द्वारा यह भी सूचित किया गया है कि अन्य अर्ध-सैन्य संगठनों को नियंत्रित करने वाले भर्ती नियमों के संबंध में भी इसी तरह के संशोधन किए जा रहे हैं।”

केंद्र के रुख पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 29 अगस्त निर्धारित की है।

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