नयी दिल्ली/गुवाहाटी, 13 सितंबर कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि एक मीडिया और मनोरंजन कंपनी, जिसके साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा की पत्नी जुड़ी हुई हैं, को खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से एक विशेष केंद्रीय योजना के तहत कर्ज से जुड़ी सब्सिडी के तौर पर 10 करोड़ रुपये मिले। भाजपा नेता ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मुख्य विपक्षी दल ने कुछ कागजात जारी करते हुए यह दावा भी किया कि वर्ष 2021 में शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पत्नी रिंकी भुइंया शर्मा की कंपनी ने असम के नौगांव में 50 बीघा कृषि भूमि खरीदी और इस खरीद के कुछ दिनों के बाद ही इस भूखंड को औद्योगिकी भूमि में तब्दील कर दिया गया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी पत्नी जिस कंपनी से जुड़ी हुई हैं उसे भारत सरकार से कोई सब्सिडी नहीं मिली है।
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता और असम से ताल्लुक रखने वाले सांसद गौरव गोगोई ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ‘‘भारत के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने किसान संपदा योजना की शुरुआत की। लेकिन असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके अपनी पत्नी की कंपनी को कर्ज से जुड़ी सब्सिडी के हिस्से के रूप में 10 करोड़ रुपये दिलाने में मदद की।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या केंद्र सरकार की योजनाएं भाजपा को समृद्ध करने के लिए हैं?’’
पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने दावा किया कि कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यह मीडिया क्षेत्र में काम करती है, लेकिन इसे किसान संपदा योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा अनुदान दिया गया।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘'प्राइम ईस्ट एंटरटेनमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खुद को पूर्वोत्तर की मीडिया कंपनी बताती है। लेकिन जब असम के मुख्यमंत्री अपने पद की शपथ लेते हैं, उसके कुछ ही महीने बाद यह कंपनी 50 बीघा कृषि भूमि खरीदती है। महज कुछ दिनों बाद यही कृषि भूमि, औद्योगिक भूमि में बदल जाती है।’’
वल्लभ ने आरोप लगाया, ‘‘यह कंपनी भारत सरकार की 'प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना' के तहत आवेदन करती है कि वह खाद्य प्रसंस्करण का काम करेगी। इसके लिए उसे 10 करोड़ रुपए का अनुदान भी दे दिया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह समझ नहीं आया कि कैसे मीडिया चैनल वाले भी अचानक से खाद्य प्रसंस्करण के लिए अनुदान ले सकते हैं? इस पूरी प्रक्रिया की जो गति थी,अगर उसी गति से हमारे यहां काम होने लगे तो कारोबारी सुगमता में हमारे स्तर पर कोई नहीं आ सकता।’’
वल्लभ ने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा प्राइम ईस्ट एंटरटेनमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल करने के साथ ही कटाक्ष किया, ‘‘असम के मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा संचालित कंपनी को किसानों के हक का 10 करोड़ रुपया अनुदान दिया जाता है। क्या किसानों का पैसा दोगुना करने का यही मॉडल है? हमारे देश का किसान खेती से औसतन रोजाना 27 रुपये कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसान संपदा योजना के तहत 10 करोड़ का अनुदान दे दिया जाता है। ऐसी सुविधा देश के बाकी लोगों को कब मिलेगी? क्या ये 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' का मॉडल है?’’
वल्लभ ने कहा कि क्या ऐसे मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है?
शर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि न तो मेरी पत्नी और न ही जिस कंपनी से वह जुड़ी हैं, उसे भारत सरकार से कभी कोई वित्तीय सब्सिडी मिली है।’’
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘ मैं इस बात से पूरी तरह इनकार करता हूं और दोहराता हूं कि मेरी पत्नी जिस कंपनी ‘प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़ी हैं, उसे भारत सरकार से कोई सब्सिडी नहीं मिली है।’’
प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना एक व्यापक पैकेज है जिसका उद्देश्य खेत से लेकर खुदरा बिक्री तक कुशल आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
वहीं असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कहा, “मैंने विभिन्न मंचों पर कई बार घोषणा की है कि अगर सत्ता में आए तो कांग्रेस राजनीतिक नेताओं द्वारा गलत तरीके से अर्जित की गई सभी संपत्ति की जांच के लिए एक एसआईटी (विशेष जांच न्यायाधिकरण) का गठन करेगी।”
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “तो, सभी लालची नेताओं, सावधान! हम आपके पीछे आने वाले हैं।”
तृणमूल कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “असम के मुख्यमंत्री की पत्नी एक कंपनी के माध्यम से सीलिंग अधिनियम का उल्लंघन करके कृषि भूमि खरीदती हैं और फिर उसे औद्योगिक उपयोग में परिवर्तित कर सब्सिडी का लाभ उठाती हैं। सब कुछ 10 महीने के भीतर - कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। राज क्या है - वॉशिंग मशीन।”
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “किसानों की आय दोगुनी करने के बजाय, प्रधानमंत्री मोदी असम के मुख्यमंत्री को समृद्ध कर रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या खाद्य प्रसंस्करण मंत्री जवाब देंगे? इस अनुदान को किसने मंजूरी दी? अन्य किन भाजपा नेताओं को सरकारी योजनाओं के जरिये इस तरह का लाभ दिया जा रहा है?”
हक
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