देश की खबरें | कांग्रेस नेताओं ने हरिप्रसाद को पार्टी फोरम के बाहर शिकायतें नहीं करने की सलाह दी

बेंगलुरु, 11 सितंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी. के. हरिप्रसाद के परोक्ष तंज ने सत्तारूढ़ पार्टी में असहज स्थिति पैदा कर दी है। कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने हरिप्रसाद को सलाह दी है कि वह अपनी शिकायतों को सार्वजनिक न करें, बल्कि इसे पार्टी आलाकमान के सामने उठाएं।

उद्योग मंत्री एमबी पाटिल, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और वरिष्ठ विधायक बसवराज रायरेड्डी ने हरिप्रसाद को राजनीति में उनकी वरिष्ठता और अनुभव की याद दिलाई।

इन नेताओं ने हरिप्रसाद को सुझाव देने की कोशिश की कि उनके बयान उनकी शख्सियत के अनुरूप नहीं हैं।

पाटिल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हरिप्रसाद एक वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें युवाओं का मार्गदर्शन करना है। वह एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल से सीधे बात कर सकते हैं। उनके संपर्क हैं, वह उनके साथ अपनी शिकायतें व्यक्त कर सकते हैं। दूसरे मंचों पर बोलना उनके कद के हिसाब से ठीक नहीं है। उनके लिए सार्वजनिक रूप से इस तरह बोलना उचित नहीं है। यह पार्टी, सरकार और उनके लिए अच्छा नहीं है।’’

राव ने कहा, ‘‘...पद मिलते और छिनते रहते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस तरह बोलने को स्वीकार नहीं किया जा सकता।’’

उन्होंने कहा कि हरिप्रसाद ने खुद अपनी छवि को नुकसान पहुंचाया है।

रायरेड्डी के मुताबिक, हरिप्रसाद को अपनी नाराजगी के बारे में सीधे कांग्रेस आलाकमान से बात करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “हरिप्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, इन दिनों वह परेशान दिख रहे हैं। मुझे नहीं पता कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया है या उन्हें लगता है कि उन्हें दरकिनार किया जा रहा है, लेकिन उनके बयानों से संकेत मिलता है कि... उनका सोनिया गांधी सहित आलाकमान से सीधा संपर्क है और वे उनसे बात करके अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।’’

हरिप्रसाद ने शनिवार को कहा था कि धोती के साथ हब्लोट घड़ी पहनने वाले कुछ लोग समाजवादी होने का दावा नहीं कर सकते और कोई देवराज उर्स (सामाजिक सुधारों के लिए जाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री) की कार में बैठकर उनकी तरह नहीं बन सकता। उनकी इस टिप्पणी को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर परोक्ष हमला माना जा रहा है।

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