बेंगलुरु, एक मार्च कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद डी. के. सुरेश ने शनिवार को यहां कहा कि देश के लोगों को केंद्र सरकार के खिलाफ होने से पहले उसे राज्यों को करों का उचित अंतरण करना सीखना चाहिए।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के छोटे भाई सुरेश ने दक्षिणी राज्यों के नेताओं से अपने राजनीतिक मतभेदों को अलग रखने और केंद्र के कथित अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ आने का आह्वान किया।
सुरेश ने संवाददाता सम्मेल में कहा, ‘‘अगर राज्य और देश के लोग उनके खिलाफ हो गए तो केंद्र मुश्किल में पड़ जाएगा। उन्हें केंद्रीय करों में से हमारे हिस्से का भुगतान करना सीखना चाहिए।’’
पूर्व सांसद ने कहा कि भारत गुजरात और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है और कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं और इसलिए केंद्र को यह देखना चाहिए कि सभी को समान न्याय मिले।
उन्होंने केंद्र सरकार को भी आगाह करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक को कमजोर करना ठीक नहीं है।’’
सुरेश ने केंद्र पर देश की संघीय व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप एक मजबूत राष्ट्र बनाना चाहते हैं, तो आपको राज्यों को मजबूत करना होगा। मैंने यह कई बार कहा है कि देश को मजबूत करने के बजाय, हर स्तर पर कानूनों और नियमों के माध्यम से राज्यों को कमजोर किया जा रहा है।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अनुचित कर अंतरण के जरिए राज्य के विकास में बाधा डाल रही है।
पूर्व सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है और इस वर्ष जनगणना कराए जाने की संभावना है।
लोकसभा सीट के परिसीमन के बारे में सुरेश ने कहा कि वह पहले भी इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय सीटों का परिसीमन जनसंख्या के आधार पर तय किया जाएगा।
सुरेश ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा उत्तर भारत के पक्ष में देश की पूरी व्यवस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है, जो उचित नहीं है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी आह्वान किया था। कम से कम अब कन्नड़ और दक्षिण भारतीयों को एक साथ आवाज उठानी चाहिए और हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने के लिए किए जा रहे सौतेले व्यवहार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें (दक्षिणी राज्यों को) एक साथ मिलकर इस पर विचार-विमर्श करना चाहिए। मैं सभी दलों के नेताओं से अपील करता हूं कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों को अलग रखें और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए काम करें।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा बहुमत के आधार पर कानून बनाना चाहती है और दक्षिणी राज्यों पर नियंत्रण करना चाहती है।
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