कोलकाता, सात अगस्त लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व आईएएस अधिकारी को अपने ‘‘विचार व्यक्त’’ करने की कीमत चुकानी पड़ी।
केन्द्र शासित प्रदेश में चुनाव के समय को लेकर मुर्मू द्वारा की गयी टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग ने 28 जुलाई को कहा था कि संवैधानिक तौर पर केवल चुनाव आयोग ऐसे मामले में फैसले ले सकता है।
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मुर्मू ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें भारत का नया नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) नियुक्त किया गया है।
चौधरी ने ट्वीट किया, ‘‘ सवाल यह है कि केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल ने इस्तीफा क्यों दिया? स्वेच्छा से दिया या किसी के निर्देशों पर? क्या वह लोगों को यह विश्वास दिलाने में विफल रहे कि सब ठीक है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि अपने विचारों को व्यक्त कर सरकार को शर्मिंदा कर उन्होंने एक बड़ी गलती कर दी और उन्हें हटा दिया गया। आप इसे ‘मुर्मू सिंड्रोम’ कह सकते हैं।’’
पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के नये उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ग्रहण की। वह पहले राजनीतिक नेता हैं, जिन्होंने केन्द्र शासित प्रदेश में उपराज्यपाल का पद संभाला है।
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