बेंगलुरु, आठ अप्रैल कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि राज्य में उनके नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ‘‘मजबूत’’ और ‘‘स्थिर’’ है।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य नहीं, बल्कि उनकी ‘बुद्धि’ ‘दिवालियेपन’ का सामना कर रही है।
सिद्धरमैया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए एक बयान में कहा, ‘‘हर दिन झूठ बोलकर और फिर उसका पर्दाफाश होने पर बचाव के लिए और झूठ बोलकर खुद को शर्मिंदा न करें।’’
भाजपा पर पिछले साल अप्रैल-जून तिमाही में 10,000 करोड़ रुपये के कर्ज के कारण राज्य के दिवालिया होने के बारे में ‘‘प्रलाप’’ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि वे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल के कर्ज के रिकॉर्ड की जांच करें।
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान भाजपा के बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री रहते हुए 84,528 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष 2021-22 में 67,332 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया गया और 2022-23 में कर्ज राशि 72,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा, ‘‘ इस कर्ज को चुकाने के लिए 2022-23 में 43,580 करोड़ रुपये खर्च किए गए। परिणामस्वरूप, इन कर्ज को चुकाने की जिम्मेदारी अब हमारे ऊपर आ गई है।’’
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘ क्या आपको हमारी सरकार पर आरोप लगाने से पहले कम से कम अपने बोम्मई से नहीं पूछना चाहिए?’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से 2018 तक राज्य सरकार पर कुल कर्ज 2.42 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन 2018 से 2023 तक पांच साल में यह बढ़कर 5.40 लाख करोड़ रुपये हो गया।
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य के लोग जानते हैं कि ‘सुल्लू (झूठ) रमैया’ कौन है और ‘सत्य (सच्चा) रमैया’ कौन है। वे इस चुनाव में आपको जवाब देंगे।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY