चंडीगढ़, 19 जून हरियाणा कांग्रेस ने बुधवार को राज्य विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर किरण चौधरी को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की।
किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी अपने समर्थकों के साथ बुधवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं।
दोनों ने मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को लिखे एक पत्र में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के उप नेता आफताब अहमद और सीएलपी के मुख्य सचेतक बी बी बत्रा ने उल्लेख किया कि किरण चौधरी को 2019 के विधानसभा चुनाव में भिवानी के तोशाम से कांग्रेस पार्टी के विधायक के रूप में चुना गया था।
उन्होंने लिखा, "यह हमारे संज्ञान में आया है कि किरण चौधरी ने 18 जून को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा वह 19 जून को भाजपा नेताओं की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गई हैं।"
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची विशेष रूप से पैराग्राफ 2 (1) (ए) के अनुसार, "किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित सदन का सदस्य यदि स्वेच्छा से ऐसे राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है तो वह सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाएगा।"
अहमद और बत्रा ने कहा कि यह देखते हुए कि किरण चौधरी को कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुना गया था और अब उन्होंने भाजपा में शामिल होकर स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ दी है, वह दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत अयोग्य हैं।
किरण चौधरी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पुत्रवधू हैं।
वह और श्रुति राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुईं।
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