देश की खबरें | कांग्रेस सीडब्ल्यूसी बैठक: आगामी चुनावों की रणनीति पर मंथन, खरगे ने भाजपा पर साधा निशाना

हैदराबाद, 16 सितंबर कांग्रेस की पुनगर्ठित कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की पहली बैठक शनिवार को हैदराबाद में हुई जिसमें अगले साल के लोकसभा और इस वर्ष होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की रणनीति, संगठन तथा कई अन्य विषयों पर मंथन किया गया।

इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर हिंसा, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों में सांप्रदायिक तनाव की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि देश गंभीर आंतरिक चुनौतियों से घिरा है और भारतीय जनता पार्टी आग में घी डालने का काम कर रही है।

पार्टी कार्य समिति के माध्यम से तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को भी चुनौती देने की तैयारी में है। कार्य समिति की बैठक के साथ ही कांग्रेस तेलंगाना के लिए छह ‘गारंटी’ की घोषणा करेगी।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए

कार्य समिति की बैठक से पहले खरगे ने पार्टी का ध्वज फहराया।

खरगे ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में संसद के विशेष सत्र को लेकर दावा किया कि सत्तारूढ पार्टी ‘विपक्ष विहीन’ संसद चाहती है और ऐसे में उसकी मंशा को लेकर सतर्क रहना होगा।

खरगे ने कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की पिछली तीन बैठकों की सफलता इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार हमले कर रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को 2021 की जनगणना और इसके साथ ही जाति जगणना करानी चाहिए ताकि कमजोर वर्गों को खाद्य सुरक्षा कानून और अन्य योजनाओं को लेकर पूरा अधिकार मिल सके।

बैठक से पहले कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था, ‘‘इस बैठक में संगठन के बारे में ज्यादा बात होगी। राहुल गांधी जी रहेंगे, सोनिया गांधी जी रहेंगी और सभी वरिष्ठ नेता रहेंगे। सभी मिलकर संगठन और पांच राज्यों के चुनावों के बारे में रणनीति को लेकर चर्चा होगी।’’

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर सहयोगी दलों के साथ बैठक में बातचीत होगी।

खरेगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश भी साझा किया।

सोनिया गांधी ने 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमने तेलंगाना के लोगों से एक वादा किया था। हमने वह वादा पूरा किया है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं के साथ खड़ी रही है।

सोनिया गांधी ने कहा, "अब, राज्य को प्रगति और समृद्धि के एक नए युग में ले जाने का समय आ गया है। कांग्रेस कार्य समिति तेलंगाना और हमारे देश के सभी लोगों के लिए सम्मान के साथ विकास का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।’’

बैठक से पहले राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी , कांग्रेस संसदीय दल के प्रमुख सोनिया गांधी जी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ हम सभी का हैदराबाद में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कांग्रेस आम लोगों की चिंताओं को उठाने और उन्हें एक ऐसी सरकार प्रदान करने के लिए समर्पित है जो उनके अधिकारों और आकांक्षाओं को पूरा करती हो।’’

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा था, ‘‘हमने 90 लोगों को कार्य समिति की बैठक के लिए आमंत्रित किया था। छह लोगों ने व्यक्तिगत कारणों से बैठक में उपस्थित होने में असमर्थता जताई है।’’

कांग्रेस कार्य समिति की आज की बैठक के बाद रविवार को विस्तारित कार्य समिति की बैठक होगी। विस्तारित कार्य समिति की बैठक में कार्य समिति के सभी सदस्यों के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और कई अन्य वरिष्ठ नेता भाग लेंगे।

इसके बाद 17 सितंबर की शाम हैदराबाद के पास एक जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसे खरगे, सोनिया, राहुल और कई अन्य नेता संबोधित कर सकते हैं।

वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस सांसद 18 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो जाएंगे, लेकिन पार्टी के अन्य नेता तेलंगाना के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता से संपर्क करेंगे और बीआरएस सरकार के खिलाफ ‘आरोप पत्र’ सामने लाया जाएगा।

कांग्रेस ने 20 अगस्त को अपनी कार्य समिति का पुनर्गठन किया था, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

कार्य समिति में 39 सदस्य, 32 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 13 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। इस कार्य समिति में सचिन पायलट और शशि थरूर जैसे नेताओं को पहली बार जगह मिली है।

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