भुवनेश्वर, 26 अगस्त मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव वी के पांडियन द्वारा एक विधायक को लक्ष्य करके आलोचनात्मक टिप्प्णी करने के बाद शनिवार को विपक्षी दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के मन में ओडिशा के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
ओडिशा के विवादास्पद नौकरशाह पांडियन ने शुक्रवार को गंजाम जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों की शिकायत सुनने के लिये बैठक आयोजित की थी। बैठक में पांडियन ने बिना किसी का नाम लिए एक विधायक पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को उनके गांवों में वापस लाने के खिलाफ थे।
नौकरशाह के बयान के जवाब में गोपालपुर से तीन बार के विधायक प्रदीप पाणिग्रही ने कहा, ‘‘वह झूठे हैं। मुख्यमंत्री को उनके बयान को सही ठहराने दीजिए।’’ इसे वर्ष 2000 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी पांडियन द्वारा राज्य में किसी भी नेता के खिलाफ दिया गया पहला राजनीतिक बयान माना जा रहा है।
विपक्षी दलों ने पांडियन की टिप्पणियों की निंदा की और गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही पर अंडे और पानी की बोतलें फेंकने वालों के खिलाफ पुलिस के कार्रवाई नहीं करने की भी आलोचना की।
पाणिग्रही पर तब अंडे फेंके गये, जब वह अपने विधानसभा क्षेत्र के तहत लोगों की शिकायत सुनने के लिये पांडियन द्वारा आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
पाणिग्रही को वर्ष 2020 में जनविरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में बीजद से निष्कासित कर दिया गया था।
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