देश की खबरें | शत्रु संपत्ति के निपटारे के लिए समिति का पुनर्गठन
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नयी दिल्ली, 24 नवंबर सरकार ने शत्रु संपत्ति के निपटारे के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का पुनर्गठन किया है। यह संपत्ति वे लोग छोड़ गये हैं, जो भारत से चले गये और पाकिस्तान तथा चीन की नागरिकता ले ली।
अधिकारियों ने बताया कि समिति का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। समिति 12,600 से अधिक अचल शत्रु संपत्ति के निपटारे पर गौर करेगी। इससे सरकारी खजाने को एक लाख करोड़ रुपये तक प्राप्त होंगे।
मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, अतिरिक्त सचिव रैंक के एक अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि एक सदस्य सचिव के अलावा विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों से पांच सदस्य होंगे।
इस कदम को, देश के विभाजन के दौरान और 1962 के युद्ध के बाद भारत से चले गये लोगों द्वारा छोड़ दी गई अकूत संपत्ति का मौद्रीकरण करने की सरकार की नयी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पाकिस्तान की नागरिकता ले चुके लोग कुल 12,485 शत्रु संपत्ति छोड़ गये, जबकि चीन की नागरिकता ले चुके लोग 126 शत्रु संपत्ति छोड़ गये। सर्वाधिक संख्या में शत्रु संपत्ति उत्तर प्रदेश (6,255 संपत्ति) में है। इसके बाद, पश्चिम बंगाल (4,088), दिल्ली (658), गोवा (295), महाराष्ट्र (207), तेलंगाना (158), गुजरात (151), त्रिपुरा (105) और बिहार (94) का स्थान है।
समिति, शत्रु संपत्ति के निपटारे के लिए या शत्रु संपत्ति का निपटारा करने के तरीके के बारे में और इससे संबद्ध विषयों पर अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को सौंपेगी। सिफारिशों में केंद्र सरकार द्वारा शत्रु संपत्ति की बिक्री, उपयोग या हस्तांतरण शामिल किया जा सकता है।
अभी तक, 2700 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्ति का निपटारा किया गया है और इससे प्राप्त राशि भारत की संचित निधि में जमा कर दी गई है। हालांकि, कोई अचल शत्रु संपत्ति अब तक बेची नहीं गई है।
अधिसूचना के मुताबिक, भारत में स्थित शत्रु संपत्ति के संरक्षक समिति के सदस्य सचिव होंगे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 24, 2021 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

