देश की खबरें | जातीय जनगणना को लेकर प्रतिबद्ध, शिक्षण संस्थानों में भेदभाव के खिलाफ ‘रोहित वेमुला अधिनियम’ बनाएंगे: कांग्रेस

नवा रायपुर, 26 फरवरी कांग्रेस ने रविवार को अपने महाधिवेशन में जातिगत जनगणना की जरूरत पर जोर दिया और यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तंत्र और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पार्टी ने महाधिवेशन में पारित सामाजिक न्याय संबंधी प्रस्ताव में यह भी कहा कि उसकी सरकार आने पर वह शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्गों के छात्रों के साथ भेदभाव रोकने के लिए ‘रोहित वेमुला अधिनियम’ नामक कानून बनाएगी।

कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में कहा, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दशकीय जनगणना के साथ.साथ एक सामाजिक,आर्थिक, जातिगत जनगणना करने के लिए प्रतिबद्ध है। जातिगत जनगणना में गैर अधिसूचित जनजातियों और खानाबदोश जनजातियों की भी गणना की जाएगी।’’

उसने दावा किया, ‘‘मॉब लिंचिंग विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा पिछले नौ वर्षों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। इन समुदायों के बीच असुरक्षा और पीड़ा की भावना बहुत अधिक है, क्योंकि उन्हें भाजपा-आरएसएस और उनके सहयोगियों द्वारा लगातार नफ़रत और भीषण हिंसा का निशाना बनाया जा रहा है। ’’

उसने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी इन समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तंत्र को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

मुख्य विपक्षी दल ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी यह सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय कानून बनाने को प्रतिबद्ध है कि देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी के अनुपात में केंद्र सरकार के बजट का एक हिस्सा निर्धारित किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सके और उन्हें समाज में बाकी के बराबर लाया जा सके।’’

उसने कहा, ‘‘कांग्रेस ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण की वकालत की है। लेकिन ईडब्ल्यूएस कोटा पर भाजपा की नीति ने गरीब एससी-एसटी और ओबीसी को भी ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत लाभ उठाने से बाहर कर दिया है। कांग्रेस सभी समुदायों के गरीबों को आर्थिक रूप से कमजोर मानती है और इसलिए गरीब एससी-एसटी ओबीसी को ईडब्ल्यूएस कोटे से बाहर नहीं किया जा सकता है।’’

उसने यह भी कहा कि सत्ता में आने पर वह सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्रों को सरकारी नौकरी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के समान आयुसीमा में छूट दी जाए।

कांग्रेस का कहना है, ‘‘शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव का निवारण करने के लिए कांग्रेस पार्टी उनकी शिक्षा और सम्मान के अधिकार की रक्षा और सुरक्षा के लिए रोहित वेमुला अधिनियम नामक एक विशेष अधिनियम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

उल्लेखनीय है कि 2016 में रोहित वेमुला नामक छात्र ने हैदराबाद विश्वविद्यालय में भेदभाव के चलते कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी।

कांग्रेस ने कहा, ‘‘हम अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि समुदाय को बेहतर सेवा देने के लिए आयोग को शक्तियां प्रदान की जा सकें। कांग्रेस पार्टी सच्चर समिति की सिफारिशों के आधार पर अल्पसंख्यक कल्याण के लिए विशेष कल्याणकारी योजना लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

उसने कहा कि वह ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय गठित करने और महिला आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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