देश की खबरें | कोयला घोटाला : इस्पात मंत्रालय के पूर्व अधिकारी को अधिकतम सजा देने की सीबीआई की मांग

नयी दिल्ली, 20 अगस्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं से संबंधित एक घोटाला मामले में दोषी ठहराये गये इस्पात मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी को सात साल की जेल की सजा देने का अनुरोध किया है।

सीबीआई ने शनिवार को विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज से इस्पात मंत्रालय के जेपीसी (संयुक्त संयंत्र समिति) के पूर्व कार्यकारी सचिव गौतम कुमार बसाक को अधिकतम सात साल की सजा देने का अनुरोध किया।

सीबीआई ने अदालत में कहा कि दोषी के प्रति किसी तरह की नरमी न दिखायी जाये, क्योंकि उसने ‘बहुत गंभीर अपराध’ को अंजाम दिया है।

अदालत इस मामले में 22 अगस्त को सजा सुनाएगी।

कोयला घोटाले में यह 14वीं सजा है। विशेष न्यायाधीश ने बसाक को विजय सेंट्रल कोल ब्लॉक के आवंटन में 18 अगस्त को भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, जनवरी 2007 में कोयला ब्लॉक के लिए आवेदन करने वाली प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ आरोप लगाया गया था कि उसने अपनी क्षमता के बारे में गलत जानकारी दी थी।

मंत्रालय ने बसाक को आरोप की सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस्पात मंत्रालय के अधिकारी (बसाक) ने 2008 में कंपनी द्वारा किए गए दावों का समर्थन करते हुए एक झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

कंपनी और उसके निदेशक को पहले इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने बरी कर दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अपील फिलहाल उच्चतम न्यायालय में लंबित है।

सीबीआई के उप कानूनी सलाहकार संजय कुमार ने निचली अदालत में कहा, ‘‘न्याय के हित में दोषी को अधिकतम सजा दी जा सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)