नयी दिल्ली, 22 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लि. (सीआईएल) ने मंगलवार को कहा कि सीएमपीडीआई कोयला कंपनी का अभिन्न हिस्सा है और इसे उससे अलग नहीं किया जाएगा।
सीआईएल ने एक बयान में कहा कि सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) कोल इंडिया की कोयला उत्पादक इकाइयों के लिये योजना और दिशानिर्देश तैयार करने का काम करती है। इसकी 2023-24 तक एक अरब टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका होगी।
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कंपनी ने कहा, ‘‘सीएमपीडीआई कोल इंडिया का अभिन्न हिस्सा है और इसे कंपनी से अलग होने नहीं दिया जाएगा।’’
कोल इंडिया का यह बयान इस रिपोर्ट के बीच आया है जिसमें कहा गया है कि परामर्श कंपनी को कोल इंडिया से अलग करने की योजना है।
कंपनी की परामर्श इकाई सीएमपीडीआई ने 2019-20 में 7.8 अरब टन कोयला संसाधन को जोड़ा था। यह सीएमपीडीआई के गठन के बाद सर्वाधिक है। कुल 25 भूगर्भीय रिपोर्ट की तैयारी के जरिये 292 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत खोज के बाद यह संभव हो पाया था।
कोयला के अलावा सीएमपीडीआई कोल इंडिया की पर्यावरण अनुकूल मशीनकृत तरीके से कोयले के रखरखाव और उसके गंतव्य तक भेजने की ‘फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी’ परियोजनाओं में तकनीकी परामर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सीएमपीडीआई कोल इंडिया का पूर्ण अनुषंगी इकाई है और इसका मुख्यालय झारखंड की राजधानी रांची में है।
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