जम्मू, 19 अगस्त माकपा से संबद्ध संगठन सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से शोपियां जिले में तीन आतंकवादियों की ‘कथित एनकाउंटर’ में मौत के मामले में जांच की मांग की है।
संगठन ने मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने की भी मांग की है।
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एनएचआरसी के पास मंगलवार को दाखिल की गई शिकायत में सीटू की जम्मू-कश्मीर इकाई के महासचिव ओम प्रकाश ने पिछले महीने हुई कथित मुठभेड़ पर सवालिया निशान लगाते हुए चिंता जताई।
मुठभेड़ 18 जुलाई को हुई थी। सेना ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां के ऊंचाई पर स्थित अमशिपुरा में कथित आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था।
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इसके करीब दो हफ्ते बाद तीनों युवकों के परिवारों ने जम्मू क्षेत्र के राजौरी में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। तीनों युवक सेब और अखरोट के बागों में श्रमिक के रूप में काम करते थे, वे लापता हो गए थे। उनके परिजनों ने उनसे अंतिम बार 17 जुलाई को बात की थी।
ओम प्रकाश ने मामले के तथ्यों को बाहर लाने के लिए गहन जांच की मांग की।
राजौरी के रहने वाले मोहम्मद इम्तियाज, इबरार अहमद और मोहम्मद इबरार के परिवारों का कहना है कि वे कश्मीर के शोपियां में श्रमिक के रूप में काम करने के लिए जम्मू के राजौरी स्थित अपने घर से निकले थे और 17 जुलाई के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।
उनके परिवारों ने दावा किया कि तीनों का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं था। इसके बाद सेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी शुरू की।
याचिकाकर्ता ने कथित मुठभेड़ में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की।
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