तिरुवनंतपुरम, एक मार्च केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने शनिवार को कहा कि समाज में हो रही हिंसा में सिनेमा की भूमिका हो सकती है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि फिल्में ही इसका प्रमुख कारण है।
केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने कहा कि फिल्म देखने वाले लोगों को सिर्फ फिल्में देखनी ही नहीं चाहिए बल्कि उन्हें समझना भी चाहिए।
अभिनेता एवं मंत्री गोपी ने कहा कि वह यह नहीं कह सकते कि फिल्मों में हिंसा को नहीं दिखाया जाना चाहिए या इसे कम किया जाना चाहिए, लेकिन लोगों को यह समझने की जरुरत है कि जो दिखाया जा रहा है वह ‘‘सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं है बल्कि उन्हें इससे यह सीखने की जरूरत है कि इस तरह के कृत्य अच्छे नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ फिल्में देखें ही नहीं बल्कि उसे समझें भी।’’
गोपी ने समाज में हिंसा की घटनाओं में सिनेमा की भूमिका पर संवाददाताओं द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ‘आरडीएक्स’ और ‘मार्को’ जैसी मलयालम एक्शन फिल्में बड़े पैमाने पर ‘‘लोगों, विशेषकर युवाओं को हिंसक बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।’’
गोपी ने कहा कि परिवार में जन्म लेने वाला प्रत्येक बच्चा राष्ट्र के लिए एक परिसंपत्ति है और राजनीतिक दलों, सरकार और लोगों सहित सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि उन सभी का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहे और वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें।
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