कोच्चि, 19 अप्रैल अभिनेता उन्नी मुकुंदन ने शनिवार को कहा कि सिनेमा मादक पदार्थों के सेवन को बढ़ावा नहीं देता बल्कि समाज में जो हो रहा है उसे दर्शाता है।
उन्होंने हाल में फिल्म सेट पर नशीली दवाओं के इस्तेमाल के खिलाफ बोलने वाली एक अभिनेत्री का स्वागत किया और इसे ’सकारात्मक कदम’ बताया।
उन्होंने कहा कि सभी को इस बात पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि केरल में साक्षरता दर इतनी अधिक है, फिर भी यहां मादक पदार्थों की खपत और अपराध दर क्यों बढ़ रही है।
मुकुंदन ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा कि यह कहना सही नहीं है कि सिनेमा के प्रभाव में मादक पदार्थों का सेवन और अपराध दर बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि सिनेमा समाज को उस तरह से प्रभावित नहीं कर सकता।
'मार्को' फिल्म के अभिनेता मुकुंदन की यह प्रतिक्रिया अभिनेत्री विन्सी एलोशियस द्वारा हाल ही में फिल्म चैंबर में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आई है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शाइन टॉम चाको पर मादक पदार्थ के प्रभाव में फिल्म सेट पर उनके साथ ‘अनुचित व्यवहार’ करने का आरोप लगाया था।
उन्नी मुकुंदन ने कहा, ‘‘ये प्रतिबंधित पदार्थ केरल तक कैसे पहुंचते हैं? ये स्कूलों तक कैसे पहुंचते हैं? इसे पहुंचाने वाले कौन हैं? मैं बचपन से ही ये सुनता आ रहा हूं।’’
उन्होंने कहा कि अधिकारियों, स्कूलों और अभिभावकों को मादक पदार्थों की बढ़ती समस्या के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिनेमा ‘आसान निशाना’ है और मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग के लिए अकेले इसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
अभिनेता ने दावा किया कि इस बुराई में शामिल फिल्मी हस्तियों का प्रतिशत कम है, लेकिन मनोरंजन उद्योग से जुड़े होने के कारण उनपर अधिक ध्यान जाता है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या हर क्षेत्र में है।
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