देश की खबरें | मणिपुर हिंसा के खिलाफ में ईसाई और दलित संगठनों का पंजाब में प्रदर्शन

चंडीगढ़/जालंधर/होशियारपुर, नौ अगस्त मणिपुर हिंसा के विरोध में कई ईसाई और दलित संगठनों के 'पंजाब बंद' के आह्वान के बाद राज्य में कई स्थानों पर दुकाने बंद रही तथा गोलीबारी की एक घटना भी सामने आई।

प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर शैक्षणिक संस्थान बंद रहे तथा प्रदर्शनकारियों ने यातायात भी अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिये बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।

प्रदर्शनकारियो ने मणिपुर में हुई हिंसा को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध मार्च भी निकाला। वे मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटना का भी विरोध कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि पंजाब बंद के आह्वान के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों द्वारा मोगा में एक दुकान बंद करने का आग्रह किये जाने के बाद एक दुकानदार ने कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी पर गोली चला दी। कथित घटना उस वक्त हुई जब कुछ प्रदर्शनकारी जिले के कोट इसे खां इलाके में दुकानदारों से दुकानें बंद करने की अपील कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि दुकानदार की एक प्रदर्शनकारी से बहस हो गई और उसने अपने लाइसेंसी हथियार से उस पर गोली चला दी।

उसने बताया कि गोली प्रदर्शनकारी के सीने में लगी और उसे अस्पताल रेफर किया गया। बंद के आह्वान का सबसे ज्यादा असर जालंधर, कपूरथला, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों में दिखा।

अधिकारियों ने बताया कि 'पंजाब बंद' आह्वान के तहत जालंधर में कई बाजार बंद रहे तथा दलित और ईसाई समुदायों के प्रतिनिधियों ने शहर के कपूरथला चौक पर धरना दिया। उन्होंने बताया कि रामा मंडी और नकोदर चौक पर पुलिस तैनात की गई है।

उन्होंने बताया कि बंद का असर होशियारपुर जिले में भी दिखा। यहां कई स्थानों पर दुकानें और बाजार बंद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि क्रिश्चियन नेशनल फ्रंट, पेस्टर्स एसोसिएशन, रविदासिया एकता दल, अखिल भारतीय बाल्मीकि समाज जैसे संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जिले के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों की घेराबंदी के कारण बिजली घर, चौक टांडा, हाजीपुर क्रॉसिंग, दसुया और माता रानी चौक, मुकेरियां सहित स्थानों पर राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहनों का यातायात अवरुद्ध हो गया।

होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरताज सिंह चहल ने कहा कि जिले के किसी भी कोने से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और 'बंद' शांतिपूर्ण रहा।

चहल ने कहा कि जिन स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के कारण जाम लगा था, वहां यातायात को विभिन्न वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ दिया गया।

फिरोजपुर में, अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और बाजार बंद रहे। कुछ बैंकों सहित जो बाजार और दुकानें खुले थे, उन्हें प्रदर्शनकारियों ने बंद करा दिया।

आदि धर्म समाज के अध्यक्ष शाम लाल और अन्य ने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर में ईसाई समुदाय के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में "विफल" रही है।

फिरोजपुर के एसएसपी दीपक हिलोरी ने कहा कि 'बंद' शांतिपूर्ण रहा, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

अमृतसर में पुलिस उपायुक्त परमिंदर सिंह भंडाल ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

कपूरथला जिले में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और बसें सड़कों से नदारद रहीं।

ईसाई और अनुसूचित जाति समुदायों के सदस्यों ने जिले के भगत सिंह चौक पर धरना दिया और पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा से निपटने में "विफलता" के लिए केंद्र और मणिपुर सरकार की आलोचना की।

वहीं, लुधियाना में बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे।

लुधियाना के पुलिस उपायुक्त वरिंदर सिंह बराड़ ने कहा कि शहर में कई संवेदनशील इलाकों में दंगा-रोधी दस्ते और वाहन तैनात किए गए हैं।

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