नयी दिल्ली, 23 जुलाई लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्ष पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को इसकी आलोचना की और सवाल किया कि वे उस कवायद पर कैसे आपत्ति कर सकते हैं जिसकी उन्होंने पूर्व में मांग की थी।
जनता दल (यूनाइटेड) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा ने एसआईआर की वकालत करते हुए कहा कि फर्जी मतदान को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग की यह कवायद जरूरी है।
बाईस साल बाद, निर्वाचन आयोग बिहार में मतदाता सूची से अपात्र लोगों को हटाने और सभी पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण में जुटा हुआ है।
आयोग के अनुसार, इससे उन मतदाताओं की ‘डुप्लिकेट’ प्रविष्टियों को हटाने में भी मदद मिलेगी, जिनके नाम कई जगहों पर मतदाता सूची में हैं।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पासवान ने संसद परिसर में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘यह मेरी समझ से परे है कि जब कोई समस्या होती है तो आप शिकायत करते हैं और समाधान पर भी सवाल उठाते हैं।’’
उन्होंने याद दिलाया कि विपक्ष ने पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी पर चिंता जताई थी और खासकर लोकसभा चुनावों के बाद और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने इस तरह का मुद्दा उठाया था।
पासवान ने कहा, ‘‘आपने कहा कि महाराष्ट्र में रातोंरात मतदाताओं के नाम जोड़ दिये गए और अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार ठहराया। अब, निर्वाचन आयोग पुनरीक्षण के जरिए इन मुद्दों का समाधान कर रहा है, तो आप उस पर भी सवाल उठा रहे हैं।’’
बिहार में जारी एसआईआर का समर्थन करते हुए, पासवान ने स्पष्ट किया कि इसी प्रक्रिया का उपयोग करते हुए पहले भी चार बार ऐसी कवायद की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘बस अंतर इतना है कि अब यह ज्यादा सुविधाजनक हो गया है। दस्तावेजों को भौतिक रूप से जमा करने के बजाय, यह सब ऑनलाइन किया जा सकता है, और जरूरत पड़ने पर आप तीन बार अपील भी कर सकते हैं।’’
पासवान ने यह भी उल्लेख किया किसी भी वैध मतदाता को गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘देश के नागरिक, वैध व्यक्ति को किसी भी अन्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन घुसपैठिये को कोई अवैध अधिकार नहीं दिया जाएगा।’’
जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष झा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि विपक्ष का विरोध चुनावी नतीजों के डर से उपजा है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे जानते हैं कि बिहार में क्या नतीजे होंगे। जैसे उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले संविधान पर सवाल उठाया था, वैसे ही अब उन्हें एक और बहाना मिल गया है।’’
सांसद ने निर्वाचन आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 98 प्रतिशत मतदाता अपने आवेदन जमा कर चुके हैं। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि ‘‘किसी भी वास्तविक मतदाता को (मतदाता सूची) से बाहर नहीं किया जाएगा।’’
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