विदेश की खबरें | चीन ने नस्ल-आधारित गठबंधन पर पूर्व विदेश मंत्री वांग की टिप्पणी की आलोचना को खारिज किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पूर्व विदेश मंत्री और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के विदेशी मामलों के आयोग के प्रमुख वांग यी ने कहा, ‘‘चाहे आप अपने बालों को कितना भी पीला (सुनहरा) रंग लें या अपनी नाक कितनी भी तीखी कर लें, आप कभी भी यूरोपीय या अमेरिकी नहीं बनेंगे, आप कभी भी पश्चिमी नहीं बनेंगे।’’

वांग ने सोमवार को उत्तरी चीनी शहर किंगदाओ में त्रिपक्षीय मंच पर कहा, ‘‘हर किसी को यह जानने की जरूरत है कि उसकी जड़ें कहां हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चीन, जापान, कोरिया- यदि हम हाथ मिला लें और सहयोग करें, तो यह न केवल हमारे तीन देशों के हितों के अनुरूप होगा, बल्कि हमारे लोगों की इच्छाओं के अनुरूप भी होगा। साथ मिलकर हम समृद्ध हो सकते हैं, पूर्वी एशिया को पुनर्जीवित कर सकते हैं और दुनिया को समृद्ध कर सकते हैं।’’

वांग की टिप्पणियों की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में आलोचना के बारे में एक सवाल को टालते हुए कहा, ‘‘हम इससे बिल्कुल भी सहमत नहीं हो सकते।’’

मंच पर संबोधन में वांग यी ने तीनों देशों के बीच सहयोग पर जोर दिया और कहा कि ‘‘क्षेत्र के बाहर के कुछ देश जानबूझकर वैचारिक मतभेदों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं तथा सहयोग को टकराव और एकता को विभाजन से बदलने की कोशिश करते हैं।’’

इसमें परोक्ष रूप से अमेरिका का हवाला दिया गया जिस पर चीन अक्सर वर्चस्ववाद का आरोप लगाता है। अमेरिका का जापान और दक्षिण कोरिया दोनों के साथ सुरक्षा गठबंधन है, जिनके खुले समाज और बहुदलीय लोकतंत्र चीन की सख्त अधिनायकवादी एक-पार्टी प्रणाली के बिल्कुल विपरीत हैं। पूर्वोत्तर एशिया में चीन के सबसे करीबी सहयोगी उत्तर कोरिया और रूस हैं।

वांग यी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ‘बेल्ट एंड रोड’ समेत विभिन्न पहल का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘केवल एकजुट और आत्मनिर्भर क्षेत्र ही बाहरी हस्तक्षेप को खत्म कर सकता है और टिकाऊ विकास हासिल कर सकता है।’’

अमेरिका के ‘जॉर्ज मार्शल फंड’ के एशिया निदेशक, बोनी ग्लेसर ने ट्वीट किया, ‘‘यह संदेश जापान और दक्षिण कोरिया में काम नहीं करेगा। क्या वांग यी वास्तव में सोचते हैं कि राष्ट्रीय हित दिखावे से कम महत्वपूर्ण हैं?’’

अमेरिकी थिंक टैंक ‘द हेरिटेज फाउंडेशन’ में एशियन स्टडीज सेंटर के निदेशक जेफ एम. स्मिथ ने ट्वीट किया ‘‘वांग यी द्वारा जापानी और कोरियाई लोगों को ‘‘आप कभी भी अमेरिकी नहीं बन सकते’’ कहने की विडंबना यह है कि जापानी और कोरियाई हर दिन अमेरिकी बन जाते हैं।

स्मिथ ने लिखा, ‘‘वे अमेरिका के ताने-बाने का हिस्सा हैं। वे जो नहीं बन सकते वह चीनी है। (संदेश का) कोई असर नहीं होगा।’’

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