त्रिशूर (केरल), 27 अगस्त केरल सचिवालय में आग लगने की घटना को लेकर राज्य की माकपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्षी पार्टियां कांग्रेस और भाजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें आग के पीछे सनसनीखेज सोने की तस्करी के मामले से संबंधित "महत्वपूर्ण फाइलों को नष्ट करने" की साजिश होने का संदेह है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने इसे सबूत को नष्ट करने का एक स्पष्ट मामला बताते हुये मंगलवार शाम राज्य सचिवालय में आग लगने की घटना की एनआईए जांच की मांग की।
चेन्निथला ने त्रिशूर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘सोने की तस्करी से संबंधित महत्त्वपूर्ण फाइलें आग की घटना में नष्ट हो गईं। एनआईए को मामले की जांच करनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत यूडीएफ केंद्रीय एजेंसी द्वारा घटना की जांच कराये जाने की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा।
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उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा नहीं है।
कांग्रेस नेता ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को एक पत्र लिखा है, जिसमें उनसे घोर लापरवाही के कारण लगी आग की घटना पर स्पष्टीकरण देने के लिए मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को तलब करने का अनुरोध किया गया है।
सरकार ने आग लगने के पीछे तकनीकी कारण की जांच के लिए आपदा प्रबंधन आयुक्त कौशिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम नियुक्त की है।
एडीजीपी मनोज अब्राहम के नेतृत्व में राज्य पुलिस की अपराध शाखा की टीम मामले की जांच कर रही है।
तिरुवनंतपुरम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने भी नॉर्थ सैंडविच ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर आग लगने की घटना के पीछे कोई साजिश होने का आरोप लगाया है, जहां सामान्य प्रशासन और पर्यटन विभाग के कुछ अनुभागों का कार्यालय है।
उन्होंने राज्य के पर्यटन मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा कि आग की घटना के पीछे कोई चाल नहीं थी। इसको लेकर भाजपा राज्य प्रमुख ने पूछा कि अगर राज्य सरकार का यह रुख है, तो सरकार ने इस घटना की जांच का आदेश क्यों दिया।
भाजपा नेता ने कहा कि कुछ मंत्री इस मामले की जांच को भटकाने के लिए बयान दे रहे हैं।
इस बीच, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कोच्चि और कोल्लम में विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आग सोने की तस्करी के मामले से जुड़ी फाइलों को नष्ट करने की एक चाल थी।
विभिन्न राजनीतिक संगठनों ने इसके विरोध में बुधवार को राज्य भर में मार्च निकाला था।
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