Muzaffarpur Shelter Home Case: मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड मामले में ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का केस, सरकारी फंड का गलत दुरुपयोग करने का आरोप
बिहार के मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड मामले के ब्रजेश ठाकुर आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. लेकिन अब ब्रजेश ठाकुर और उनके परिवार के सदस्यों और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चलेगा. प्रवर्तन निदेशालय यानी की ईडी ने पटना की विशेष अदालत में उसकी संपत्ति के पूर्व स्वामित्व और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉंड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा चलाने के लिए चार्जशीट दायर कर दी है.
पटना: बिहार के मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड (Muzaffarpur shelter Home Case) मामले के ब्रजेश ठाकुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा हैं. लेकिन अब ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) और उसके परिवार के सदस्यों और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चलेगा. प्रवर्तन निदेशालय ने पटना की विशेष अदालत में उसकी संपत्ति के पूर्व स्वामित्व और प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा चलाने के लिए चार्जशीट दायर किया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लांड्रिंग के मामले में ब्रजेश के साथ ही उसके घरवालों को भी अभियुक्त बनाया गया है.
दरअसल मुजफ्फरनगर बालिका गृहकांड मामले में आरोपी ब्रजेश ठाकुर कई संपत्ति बनाई. ईडी की जांच में पाया गया कि उसने शेल्टर होम के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर शेल्टर होम चलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई. ब्रजेश के जिन संपत्ति को ईडी जप्त भी किये है. ऐसे में ब्रजेश ठाकुर उसके परिवार के सदस्यों और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत सजा दिलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत चार्जशीट दायर की गई है ताकि फर्जी दस्तावेज के आधार पर पैसा लेने को लेकर ब्रजेश के साथ ही ने लोगों पर कार्रवाई हो सके. यह भी पढ़े: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर समेत 19 आरोपियों को दोषी ठहराया
Bihar: ED files a prosecution complaint under Prevention of Money Laundering Act against Muzaffarpur children home rape case convict Brajesh Thakur (file pic), his family members & others before Special Judge (PMLA), Patna in a case relating to misappropriation of govt funds pic.twitter.com/s4IVOI27Vj
— ANI (@ANI) August 27, 2020
बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित एक बालिका आश्रय गृह में कई लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले के 11 आरोपियों को कोर्ट उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं एनजीओ के मालिक ब्रजेश ठाकुर और पांच अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई गई है. ठाकुर पर 32 लाख 20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है. इन सभी आरोपियों को मुजफ्फरपुर जिले में बालिका आश्रय में रहने वाली लड़कियों से गलत काम करवाने के लिए दर्ज करवाया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2020 05:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

