जरुरी जानकारी | लकड़ी के सस्ते, सरल आयात से भारत में फर्नीचार विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा: गोयल

नयी दिल्ली, 22 जुलाई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि लकड़ी का सस्ते दाम पर सरल प्रक्रिया के साथ आयात होने से देश में फर्नीचर के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे।

उन्होंने कहा कि फर्नीचर को भारत में ही बनाया जाना चाहिये क्योंकि यहां अच्छा फर्नीचर बनाने वाले कुशल कामगार मौजूद हैं।

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गोयल ने कहा कि दुनियाभर में फर्नीचर का 20 से 22 लाख करोड़ रुपये का कारोबार है लेकिन इस कारोबार में हमारी मौजूदगी नहीं है, बल्कि उल्टे हम फर्नीचर का आयात करते हैं।

मंत्री ने कहा कि वह संबंधित मंत्रालय से बात कर हैं कि क्या भारत में बिना किसी शुल्क के लकड़ी का आयात किया जा सकता है। ‘‘और क्या हम आयात की इस प्रक्रिया को काफी सरल रख सकते हैं, क्योंकि इस मामले में कुछ पर्यावरण से जुड़े मुद्दे भी आते हैं।’’

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गोयल यहां ‘आल इंडिया वैश्य फेडरेशन द्वारा आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे। यह वेबिनार ‘आत्मनिर्भर भारत -- अवसर, चुनौतियां और आगे का मार्ग’ पर आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘कोई शुल्क नहीं लगना चाहिये ... लकड़ी भारत में पर्याप्त मात्रा में नहीं है .. यदि हम लकड़ी के आयात को सस्ता और सरल बना सकते हैं...।’’

उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) बंदरगाह के समीप एक फर्नीचार शंकुल बनाने पर काम कर रहा है ‘‘जहां हमारे पास विभन्न प्रकार के परीक्षण, शोध, डिजाइन और पैकिंग की आधुनिक साझा सुविधायें उपलब्ध होंगी।’’

गोयल ने कहा कि इस प्रकार के शंकुल में बड़े पैमाने पर फर्नीचार का विनिर्माण हो सकेगा जो कि घरेलू मांग को पूरा करने के साथ ही वैश्विक आवश्यकताओं को भी पूरा करेंगे। इससे लाखों लोगों के लिये रोजगार का भी सृजन होगा।

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