नयी दिल्ली, 23 जून इस साल के आखिर में बिहार विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव में कोविड-19 मरीजों को डाक के जरिये मतदान करने की अनुमति दी जाएगी।
केंद्रीय कानून मंत्रालय के विधायी विभाग ने कोविड-19 मरीजों को डाक से मतदान करने की अनुमति देने के लिए निर्वाचन नियमावली में बदलाव किया है। यह जानकारी मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने दी।
उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने कोविड-19 मरीजों को डाक के जरिये अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए कानून मंत्रालय से संपर्क किया था।
अधिकारी ने बताया, ‘‘ यह सटीक मामला है और हम नियम बदलने पर सहमत हैं... हाल में हमने 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं और दिव्यांगों को डाक के जरिये मतदान करने की अनुमति दी थी। उसी सूची में हमने कोविड-19 मरीजों या उन्हें जिन्हें संक्रमण के लक्षण है शामिल किया है।’’
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उन्होंने बताया कि अब दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोग 12डी फॉर्म भरकर स्थानीय पीठासीन अधिकारी से डाक से मतदान करने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना वायरस की महामारी शुरू होने के बाद बिहार पहला राज्य होगा जहां पर विधान सभा चुनाव होगा।
निर्वाचन आयोग ने नियम में बदलाव करने के लिए सरकार से संपर्क किया था क्योंकि महामारी इस साल के अंत तक रह सकती है।
कानून मंत्रालय का विधायी विभाग निर्वाचन आयोग के लिए नोडल निकाय है।
अधिकारी ने बताया कि कानून मंत्री की मंजूरी के बाद नियम में बदलाव किया गया।
बिहार में करीब सात करोड़ 20 लाख मतदाता हैं और 243 सदस्यीय मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नयी विधानसभा का गठन 29 नवंबर से पहले हो जा जाना चाहिए।
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