जरुरी जानकारी | चंद्रशेखर राव ने जीएसटी क्षतिपर्ति के तरीके पर केन्द्र के सुझाव का विरोध किया

हैदराबाद, एक सितंबर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि जीएसटी राजस्व में कमी को पूरा करने के लिये राज्यों द्वारा कर्ज लेने का प्रस्ताव छोड़ दिया जाना चाहिये और इसके स्थान पर केन्द्र को खुद ही पूरी राशि का वित्तपोषण करना चाहिये।

राव ने मोदी को लिखे पत्र में यह भी दावा किया है कि केन्द्र सरकार ने राज्यों के जीएसटी क्षतिपूर्ति का आंकड़ा तय करने के लिये 14 प्रतिशत की सीमा को कम कर 10 प्रतिशत करने का इकतरफा निर्णय लिया है। उन्होंने केन्द्र के इस फैसले को बड़ी चिंता का विषय बताया।

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उन्होंने कोविड- 19 महामारी के इस संकटपूर्ण समय में सहयोगात्मक संघवाद को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

चंद्रशेखर राव ने कहा कि कानूनी राय लेकर केन्द्र राज्यों को पूरी तरह से क्षतिपूर्ति करने की अपने जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है। केन्द्र जीएसटी क्षतिपूर्ति कानून के प्रावधानों का भी उल्लघन कर रहा है। केन्द्र जीएसटी मुआवजा कोष में आने वाली अधिशेष राशि को लोक लेखा के तहत सतत् बने रहने वाले मुआवजा कोष में रखने के बजाय भारत की संचित निधि कोष में रख रहा है।

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने विकल्प सुझाते हुये कहा कि केन्द्र सरकार जीएसटी उपकर में होने वाली प्राप्ति की स्थिति को देखते हुये भरपाई के लिये पूरी राशि कर्ज पर उठानी चाहिये और इस पूरे कर्ज को मूल और ब्याज सहित आने वाले सालों में प्राप्त होने वाले जीएसटी उपकर संग्रह से चुकाना चाहिये। जीएसटी उपकर वसूली को 2022 से आगे भी बढ़ाया जा सकता है इस बारे में जीएसटी परिषद निर्णय ले सकती है।

इससे पहले केन्द्र सरकार ने जीएसटी परिषद की बैठक में राज्यों को राजस्व कमी की भरपाई के लिये दो विकल्प सुझाये थे। राज्यों से कहा गया कि क्षतिपूर्ति के लिये वह रिजर्व बैंक की विशेष खिड़की सुविधा से कर्ज उठा सकते हैं या फिर अपनी प्रतिभूतियां जारी कर बाजार से धन जुटा सकतीं हैं।

गैर- भाजपा शासित राज्यों ने इन प्रस्तावों का विरोध किया और इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी कानून के तहत राजस्व कमी की भरपाई का दायित्व केन्द्र सरकार का है।

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