चंडीगढ़, 15 दिसंबर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के राज्यपाल के साथ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के संबंध अच्छे हैं और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर नियुक्ति के लिए पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं।
मान की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने मान को एक दिन पहले जवाबी पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि चंडीगढ़ एसएसपी के पद पर तैनात पंजाब-कैडर के आईपीएस अधिकारी कुलदीप सिंह चहल को उनके कथित कदाचार के लिए पद से हटाकर उन्हें उनके मूल कैडर में वापस भेजे जाने को लेकर मान ने उन्हें पत्र लिखने से पहले ‘‘तथ्यों का पता नहीं लगाया’’ था।
राज्यपाल ने इस संबंध में पंजाब बनाम हरियाणा का अनावश्यक मुद्दा उठाने पर भी अप्रसन्नता जतायी।
पुरोहित ने बुधवार को मान को तब जवाबी पत्र लिखा जब मुख्यमंत्री ने चहल को चंडीगढ़ के एसएसपी के पद से हटाये जाने एवं समय से पहले उन्हें उनके मूल कैडर में वापस भेजे जाने के बाद प्रभार हरियाणा-कैडर के एक आईपीएस अधिकारी को सौंपेने पर सवाल उठाते हुए एक दिन पहले राज्यपाल को एक पत्र लिखा था।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मान ने बृहस्पतिवार को होशियारपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पंजाब के राज्यपाल के साथ हमारे संबंध अच्छे हैं।’’
मान ने कहा, ‘‘कई बार ऐसी चीजें हो जाती हैं लेकिन सब कुछ ठीक है। हमने कुछ नाम भेजे हैं और पंजाब कैडर के एक आईपीएस अधिकारी को जल्द ही चंडीगढ़ का एसएसपी नियुक्त किया जाएगा।’’
उल्लेखनीय है कि चहल को सोमवार को पंजाब कैडर वापस भेज दिया गया था, जबकि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में उनके तीन साल का कार्यकाल पूरा होने में दस महीने बाकी थे। पुरोहित चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं।
यहां प्रशासन ने हरियाणा कैडर की आईपीएस अधिकारी एवं चंडीगढ़ एसएसपी (ट्रैफिक) मनीषा चौधरी को प्रभार सौंप दिया है।
पुरोहित ने अपने पत्र में मान को बताया कि चहल को उनके प्रभार से हटाने के बारे में राज्य सरकार को पहले ही सूचित कर दिया गया था और उनके उत्तराधिकारी के लिए आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजने के लिए भी कहा गया था।
पुरोहित ने कहा कि उन्होंने 28 नवंबर को चहल को हटाने के अपने फैसले के बारे में पंजाब के मुख्य सचिव को अवगत कराया था।
मान ने चंडीगढ़ के एसएसपी को इस पद से समय से पहले वापस उनके मूल कैडर में भेजे जाने के बाद उनका प्रभार हरियाणा कैडर की एक आईपीएस अधिकारी को सौंपे जाने के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा था कि यह कदम केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मामलों को देखने वाले राज्यों के बीच संतुलन को बिगाड़ने वाला है।
मान ने यह भी कहा कि अगर चहल को वापस भेजना था तो पंजाब से पहले ही उपयुक्त आईपीएस अधिकारियों के नाम मांग लेने चाहिए थे।
गौरतलब है कि यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में राजभवन और आप सरकार के बीच विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति के मुद्दे पर तकरार हुई थी।
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