चंडीगढ़, 24 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तकनीकी सहायता सेवाएं प्रदान करने की आड़ में विदेशियों से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने और करोड़ों रुपये के धन शोधन करने वाले कुछ कॉल सेंटरों पर छापा मारा। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई चंडीगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में की गयी।
सूत्रों के मुताबिक, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली तथा हरियाणा के पंचकूला में छापे मारे गए।
ये कॉल सेंटर गैर-मौजूद तकनीकी सहायता सेवाएं प्रदान करने की आड़ में विदेशियों को कथित तौर पर ठग रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच में यह पाया गया कि इन कॉल सेंटरों को संचालित करने वाली कंपनियों की विदेशों में समकक्ष कंपनियां थीं, जो विभिन्न भुगतान गेटवे के माध्यम से धन प्राप्त करती थीं, जिसे बाद में ‘बैंकिंग चैनलों’ के साथ-साथ हवाला के माध्यम से भारत भेजा जाता था।
इन कंपनियों की वेबसाइटों के अनुसार, वे वेब डिजाइनिंग और ‘फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट’ सेवाएं आदि सॉफ्टवेयर सहायता सेवाएं प्रदान करती हैं।
ईडी ने पाया कि इन कंपनियों के प्रवर्तक, निदेशक या टीम के सदस्यों का विवरण नहीं दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ ने अपनी वेबसाइटों पर बड़े आईटी पार्कों की तस्वीरें साझा की हुई थीं, जो वास्तविकता के विपरीत है।
ईडी के सूत्रों ने बताया कि ‘एफएसएएल टेक्नोलॉजीज’ नाम का एक कॉल सेंटर एक ‘फर्जी’ केन्द्र संचालित करता पाया गया और उसने अमेरिका में ‘बायोस टेक’ नाम से एक कंपनी खोली।
सूत्रों के मुताबिक, यह कंपनी माइक्रोसॉफ्ट, एचपी प्रिंटर, राउटर और अन्य हार्डवेयर के लिए विभिन्न सेवाएं देने का दावा करती है।
शोभना जितेंद्र
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