बेंगलुरु, आठ अगस्त कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सऊदी अरब की अदालत द्वारा दिए गए उस फैसले की प्रति प्राप्त करे, जिसमें भारतीय नागरिक शैलेश कुमार को दोषी करार दिया गया है।
न्यायमूर्ति एस.दीक्षित ने कुमार की पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि फैसले की प्रति प्राप्त करने से दया याचिका दायर करने में आसानी होगी। कुमार की पत्नी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की जांच में देरी की वजह से उनके पति को विदेशी अदालत में दोषी करार दिया गया।
पूर्व के निर्देशों पर धीमी कार्रवाई से चिंतित उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘ जब इस देश का नागरिक विदेश में परेशान हो, तब अधिकारियों को उसे न्याय दिलाने में गंभीरता दिखानी चाहिए।’’
मंगलुरु निवासी शैलेश कुमार को सऊदी अरब की अदालत ने दोषी ठहराया है और वहां की जेल में रखा गया है। सऊदी अरब के शाह (राजा) और इस्लाम का अपमान करने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने को लेकर उसे दोषी ठहराया गया है और 15 साल कैद की सजा सुनाई गई है। शैलेश कुमार सऊदी अरब में काम करता था।
उसकी पत्नी कविता ने उच्च न्यायालय में दायर याचिका में दावा किया है कि 12-13 फरवरी 2020 का पोस्ट फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल से किया गया और पुलिस इस संबंध में सबूत सऊदी अरब के अधिकारियों को देने में असफल रही।
स्थानीय पुलिस ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
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