जरुरी जानकारी | केंद्र प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाने में राज्यों की मदद करेगा

नयी दिल्ली, तीन अगस्त केंद्र सरकार कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कानूनी प्रावधानों को सरल बनाने और उन्हें अपराध की श्रेणी से बाहर करने में राज्यों की भी मदद करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने यहां संवाददाताओँ से कहा कि हाल ही में संसद ने जन विश्वास विधेयक पारित कर कारोबारी सुगमता बढ़ाने की पहल की है। इसमें 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में संशोधन कर छोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का उल्लेख है।

उन्होंने कहा, "हम भविष्य में भी ऐसा करेंगे। हमारी इसके बाद एक अंतर-मंत्रालयी कार्यबल बनाने की मंशा है जो अन्य कानूनी प्रावधानों को सरल एवं तर्कसंगत बनाने और अपराध की श्रेणी से बाहर करने की संभावनाओं पर गौर करेगा। हम राज्यों के स्तर पर भी इस तरह के काम में मार्गदर्शन के लिए तैयार हैं।"

डीपीआईआईटी सचिव ने कहा कि कारोबारी सुगमता बढ़ाने और रहन-सहन को आसान बनाने के लिए कानूनी प्रावधानों की समीक्षा की यह कवायद कई चरणों में की जाएगी।

संसद ने कई कानूनी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए लाए गए जन विश्वास विधेयक को हाल ही में पारित किया है। इसमें कई तरह के जुर्माने अर्थदंड में बदले गए हैं जिससे दंडित करने के लिए अदालती कार्यवाही जरूरी नहीं रह गई है।

प्रेम

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