देश की खबरें | वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने संबंधी याचिका का विरोध न करने का कदम उठा सकता है केंद्र?
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नयी दिल्ली, 30 जनवरी केंद्र सरकार दिल्ली उच्च न्यायालय को संभवत: सोमवार को सूचित कर सकती है कि वह वैवाहिक बलात्कार के विरोध में दिये अपने पूर्व के हलफनामे को वापस लेना चाहती है या नहीं।
केंद्र ने अपने पूर्व के हलफनामे में कहा था कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे ‘विवाह नाम की संस्था’ खतरे में पड़ सकती है और इसे पतियों के उत्पीड़न के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर एवं न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ ने गत 28 जनवरी को केंद्र सरकार का प्रतिनिधि कर रहे वकील से कहा था कि वह इस बात पर केंद्र से निर्देश लेकर आएं कि क्या सरकार इस मामले में 2017 में दिये गये अपने हलफनामे को वापस लेना चाहती है?
वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग को लेकर दायर कई याचिकाओं की सुनवाई कर रही खंडपीठ सोमवार को याचिकाकर्ताओं की जवाबी दलीलें सुनेगी।
याचिकाकर्ताओं - गैर सरकारी संगठनों आरटीआई फाउंडेशन और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वीमेन्स एसोसिएशन- की ओर से पेश वकील करुणा नंदी ने इस बारे में स्पष्टीकरण देने का अनुरोध किया था कि क्या उन्हें केंद्र सरकार द्वारा पेश हलफनामे पर जवाबी दलीलें देनी है या केंद्र उसे वापस ले रहा है।
इसका बहुत महत्व है, क्योंकि केंद्र ने अगस्त 2017 में दाखिल अपने हलफनामे में कहा था कि उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (घरेलू हिंसा) के दुरुपयोग का पहले ही जिक्र किया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गयी थी कि ज्यादातर पश्चिमी देशों में वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित किया गया है, इस पर केंद्र ने कहा था कि इसका यह मतलब नहीं होता कि भारत को भी आंख मूंदकर उसका अनुसरण करना चाहिए।
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरनल तुषार मेहता ने जनवरी में उच्च न्यायालय से कहा था कि सरकार इस मामले में ‘रचनात्मक दृष्टिकोण’ अपनाने पर विचार कर रही है और आपराधिक कानून में व्यापक संशोधन के लिए विभिन्न हितधारकों से इस बारे में व्यापक रायशुमारी कर रही है।
खंडपीठ ने 24 जनवरी को केंद्र सरकार को 10 दिन के भीतर अपने रुख स्पष्ट करने को कहा था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2022 05:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

