देश की खबरें | कोरोना वायरस से निपटने के लिए केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तारीफ की

भोपाल, 22 फरवरी मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कोरोना वायरस से निपटने के लिए केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की तारीफ की है।

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि अब से 11 महीने पहले (शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली) प्रदेश सरकार ने विषम परिस्थितियों में प्रदेश का कार्यभार संभाला था। उस समय एक ओर कोरोना महामारी प्रदेश में तेजी से अपने पैर पसार रही थी, तो दूसरी ओर सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं थी।

उन्होंने कहा कि चारों ओर अविश्वास, असमंजस, आशंका और अव्यवस्था का वातावरण था। प्रदेश सरकार ने बिना एक भी क्षण गवाएं युद्ध स्तर पर दो मोर्चों पर कार्य करना प्रारंभ किया। पहला कोरोना महामारी की प्रभावी रोकथाम और दूसरा, अर्थव्यवस्था एवं आम आदमी की आजीविका की सुरक्षा का प्रबंधन।

पटेल ने कहा कि ऐसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 130 करोड़ भारतीयों के लिए आशा और विश्वास की किरण के रूप में सामने आये, जिससे जन-जन में कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के सकारात्मक उत्साह का संचरण होने लगा और पूरा देश उनके आह्वान पर साथ खड़ा हो गया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में लिए गये फैसलों के कारण भारत ने अपने नागरिकों की कोविड-19 से रक्षा की और पूरे विश्व के समक्ष आपदा प्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण बना।’’

पटेल ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी कोरोना संक्रमण की त्वरित एवं प्रभावी रोकथाम के लिए आइडेन्टीफिकेशन, आइसोलेशन, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट (आईआईटीटी) की रणनीति अपनाई गई और संक्रमण से प्रभावित मरीजों एवं उनके संपर्क में आये लोगों की ट्रेसिंग, सेम्पलिंग, टेस्टिंग की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही क्कवारेंटाइन एवं आइसोलेशन के पर्याप्त प्रबंध किये गये।’’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रभावितों के उपचार के लिए टेस्टिंग किट, पीपीई किट, ऑक्सीजन सिलेंडर एवं बेड्स आदि की पर्याप्त उपलब्धता उस समय एक बड़ी चुनौती थी। प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 प्रबंधन हेतु किये गये चौतरफा प्रयासों का ही परिणाम था कि मार्चा 2020 में जहां राज्य की टेस्टिंग क्षमता मात्र 300 थी, वह बढ़कर 30,000 से अधिक हो गई है। टेस्टिंग लैब की संख्या तीन से बढ़कर 32 हो गई है।

पटेल ने कहा कि 11 माह पूर्व प्रदेश में कोविड हेतु 2,500 जनरल बेड, 230 ऑक्सीजन बेड और 537 आईसीयू बेड उपलब्ध थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 5,000 से अधिक जनरल बेड, 9,000 से अधिक ऑक्सीजन बेड और 3,000 से अधिक आईसीयू बेड हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि मार्च 2020 में पीपीई किट की उपलब्धता लगभग 18,000 और टेस्टिंग किट की उपलब्धता मात्र 620 ही थी, जबकि वर्तमान में हमारे पास 3.50 लाख से अधिक पीपीई किट और लगभग 2.40 लाख से अधिक टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं।

इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा कृषि, अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्वच्छ भारत अभियान, शिक्षा, खेल एवं पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई उपलब्धियों का जिक्र किया और प्रदेश सरकार की खूब तारीफ की।

अभिभाषण के बाद सदन ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया और इसके बाद अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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