देश की खबरें | महाराष्ट्र और बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों को दुरुपयोग हो रहा, भाजपा हर हाल में सत्ता चाहती : पवार

जलगांव (महाराष्ट्र), 15 अप्रैल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार को भाजपा पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का बड़े पैमाने पर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में इस्तेमाल किया जा रहा क्योंकि ‘‘केंद्र में जो शासन कर रहे हैं वे किसी भी हाल में इन दो राज्यों की सत्ता चाहते हैं।’’

पवार ने संवाददाताओं से संवाद करते हुए कहा कि मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) और भाजपा जैसी पार्टियों द्वारा मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर दिए गए हालिया बयान से राज्य का महौल खराब हो सकता है।

पवार ने यह भी संकेत दिया कि सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) के घटक शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव में भी साथ मैदान में उतर सकते हैं। महाराष्ट्र में वर्ष 2024 के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।

राज्य में पैदा हो रही बिजली संकट पर पवार ने कहा कि एमवीए सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और इसके समाधान के लिए सभी कदम उठा रही है।

इससे पहले एक कार्यक्रम में बोलते हुए राकांपा अध्यक्ष ने उनके केंद्रीय कृषि मंत्री रहने के दौरान किसानों की 72 हजार करोड़ रुपये की कर्ज माफी की प्रशंसा की।

पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्रीय एजेंसियों का देश के दो राज्यों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। एक पश्चिम बंगाल है और दूसरा महाराष्ट्र है। यह स्पष्ट है कि जो देश पर शासन कर रहे हैं, वे इन दो राज्यों में किसी भी कीमत पर सत्ता चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि इन दो राज्यों की जनता और निर्वाचित प्रतिनिधि भी सरकार बनाने के लिए भाजपा का ‘‘सहयोग’’नहीं कर रहे हैं, ऐसे में जिनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है वे इन दो राज्यों में हस्तक्षेप करने में व्यस्त हैं जिसके नतीजे में छापेमारी की जा रही है।

राकांपा अध्यक्ष पार्टी यह सहयोग एकनाथ खडसे की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जो इस कार्यक्रम में मौजूद थे। उनसे पूछा गया कि महाराष्ट्र की स्थिति जांच एजेंसी की छापेमारी के संदर्भ में कैसे अलग होती अगर भाजपा नेताओं को कथित अनियमितता के लिए जेल हुआ होता।

कुछ पार्टियों द्वारा मस्जिदों के ऊपर लगे लाउडस्पीकर को निशाना बनाने के सवाल पर पवार ने कहा कि लोगों को सांप्रदायिक सदभाव सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर खड़े होने की जरूरत है।

एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे अपने हालिया भाषण और बयान से हो सकता है कि हिंदुत्व के रास्ते को टटोल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि एक ऐसी पार्टी के बारे में बात करने की जरूरत नहीं है जिसे चुनाव में लोगों ने खारिज कर दिया है।

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