नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। एक आधिकारिक बयान में यह कहा गया।
बयान के मुताबिक शुक्ला ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार की रोकथाम विषय पर तीन दिवसीय डिजिटल राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन के अवसर पर बृहस्पतिवार को यह कहा।
बयान में कहा गया, ‘‘शुक्ला ने मामलों की त्वरित जांच एवं तेजी से अभियोजन के जरिये भ्रष्टाचार के खिलाफ सतत प्रतिरोधी कार्रवाई की अपील की। ’’
केंद्रीय सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ईमानदारी के साथ सेवा करने वाले लोक सेवकों को मान्यता देने और किसी भी संगठन में ईमानदार नेतृत्व को महत्व देने की जरूरत है।
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बयान के मुताबिक सम्मेलन के दौरान विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों और राज्यों की भ्रष्टाचार रोधी इकाइयों के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार से निपटने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
बयान में कहा गया है कि कानून प्रवर्तन सहयोग के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कों का उपयोग सहित जांच के विभिन्न पहलुओं, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, प्रौद्योगकीय हस्तक्षेप, संगठित अपराध की नयी प्रवृत्तियां और उनके काम करने के तौर तरीकों, अपराध से जुड़े धन के लेन-देन की जांच तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय पर चर्चा हुई।
आपराधिक जांच में साक्ष्य एकत्र करने के लिये फोरेंसिक विज्ञान में हुई प्रगति और डिजिटल विश्लेषण ने जो नये आयाम जोड़े हैं, उन पर भी चर्चा हुई।
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