यादव पिछले 30 वर्षों से विशेष रूप से सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए फसलों के वंशागत सुधार पर काम कर रहे हैं। उनकी टीम के शोध के परिणामों ने कई व्यावसायिक किस्मों का भी पता चला है।
यादव ने इस पुरस्कार से सम्मानित किये जाने पर कहा, ‘‘मैं अपने वरिष्ठों और सहयोगियों को मेरा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।’’
रफी अहमद किदवई पुरस्कार कृषि अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। पुरस्कार में एक प्रमाणपत्र समेत पांच लाख रुपये की राशि भी दी जाती है।
यह पुरस्कार शुक्रवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 93वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया।
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