जरुरी जानकारी | कैट ने भारत में अमेजन के ई-वाणिज्य गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की

नयी दिल्ली, 18 फरवरी व्यापरियों का संगठन कैट ने बृहस्पतिवार को सरकार से अमेजन की ई-वाणिज्य पोर्टल और उसके भारत मे परिचालन पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया। संगठन ने भारी छूट और माल भंडार पर नियंत्रण के जरिये वैश्विक ई-वाणिज्य कंपनी पर बाजार खराब करने वाली कीमत व्यवस्था में शामिल होने का आरोप लगाया।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने अमेजन के पोर्टल और भारत में उसके कामकाज पर तत्काल पाबंदी लगाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कंपनी के खिलाफ समयबद्ध तरीके से जांच करने का भी अनुरोध किया

उन्होंने सरकार से अमेजन और फ्लिपरकार्ट की कारोबारी गतिविधियों की जांच करने का भी आग्रह किया।

हालांकि इस बारे में अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों ने कहा कि वे भारतीय कानून के हिसाब से काम कर रहे हैं।

कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बृहस्पतिवार को इस संदर्भ में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी लिखा।

कैट ने गोयल को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘हमारा संगठन आपके कार्यालय से एफडीआई नीति और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम / नियमों के उल्लंघन और /खामियों का लाभ उठाकर उसका दुरूपयोग करने के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट (वॉलमार्ट) जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की जांच करने और दंडित करने अनुरोध करता रहा है।’’

संगठन ने कहा कि 8-10 फरवरी को नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से कुछ नहीं किये जाने को गंभीरता से लिया गया। सम्मेलन में शामिल 150 से अधिक व्यापारी नेताओं ने यह संकल्प लिया कि अगर सरकार इस मामले में तत्काल कदम नहीं उठाती है, देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

इस बारे में पूछे जाने पर अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारतीय कानून के अनुसार काम कर रही है।

उसने कहा, ‘‘पिछले कई साल से, ई-वाणिज्य को लेकर नियमों में कई बदलाव किये गये और अमेजन ने हर बार उनके अनुपालन को लेकर तत्काल कदम उठाये हैं।’’

ई-मेल के जरिये पूछे गये सवाल के जवाब में फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि वह देश के कानून का पूर्ण रूप से अनुपालन कर रही है और निष्पक्ष व्यापार गतिविधियों को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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