नयी दिल्ली, 30 मई केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की शाखाएं जम्मू और श्रीनगर से काम करेंगी।
कार्मिक मंत्रालय ने अपने पहले के आदेश में संशोधन करते हुए यह जानकारी दी। मंत्रालय के पहले जारी आदेश ने कैट शाखा के न्यायक्षेत्र को लेकर कई लोगों के बीच असंतोष और दुविधा पैदा कर दी थी।
मंत्रालय ने 29 अप्रैल को जारी एक आदेश में कहा था कि कैट की चंडीगढ़ पीठ के न्यायक्षेत्र के अंतर्गत हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश राज्यों के साथ ही केंद्र शासित चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भी आएंगे।
इस आदेश ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई कर्मियों में असंतोष और दुविधा पैदा कर दी थी।
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इसके बाद केंद्र सरकार ने साफ किया था कि ना ही याचिकाकर्ता और ना ही वकील को याचिका दाखिल करने अथवा पेश होने के लिए चंडीगढ़ जाना होगा।
उसने कहा था, '' केंद्र सरकार और केद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कर्मचारियों की सेवा से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई और उनका निस्तारण कैट की जम्मू-कश्मीर पीठ में ही होगा।''
हालांकि मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए जम्मू और श्रीनगर में कैट की पीठ बैठेंगी।
उसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को चंडीगढ़ पीठ के न्यायक्षेत्र हटा दिया।
अधिकारियों ने कहा कि नयी पीठ के गठन से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के कर्मियों के 31,000 से अधिक मामले अब जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय से कैट में स्थानांतरित हो जाएंगे।
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