नयी दिल्ली, 30 अप्रैल केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने बुधवार को कहा कि अगली जनगणना के तहत जाति गणना हाशिये पर पड़े वर्गों को सशक्त बनाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।
राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीपीए) द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाने के कुछ घंटों बाद कुमार ने कहा कि यह एक ‘‘ऐतिहासिक’’ कदम है। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचितों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसका श्रेय दिया।
मंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सामाजिक न्याय सुनिश्चित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जाति जनगणना को मंजूरी देकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह निर्णय हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाएगा तथा उन्हें मुख्यधारा में लाने में मदद करेगा।
कुमार ने कहा, ‘‘यह निर्णय बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।’’
उन्होंने कहा कि यह समाज के हर वर्ग की पहचान, जरूरतों और भागीदारी को स्वीकार करता है। मंत्री ने कहा कि यह कदम सरकार के ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’’ के दृष्टिकोण को मजबूत करता है।
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