कोलकाता, 26 जून कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पंचायत चुनाव के दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों में दी गई जानकारी को गलत तरीके से पेश करने और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ के आरोप की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच के एकल पीठ के निर्देश को सोमवार को रद्द कर दिया।
अदालत ने, हालांकि, पश्चिम बंगाल पुलिस को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) देबीप्रसाद डे के एक-सदस्यीय आयोग की देखरेख में मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति अपूर्वा सिन्हा रे की खंडपीठ का आदेश राज्य सरकार की उस अपील पर आया, जिसमें उसने सीबीआई जांच के एकल पीठ के निर्देश को चुनौती दी थी।
खंडपीठ ने पुलिस को एकल न्यायाधीश के समक्ष तीन सप्ताह के बाद जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिनके समक्ष शुरुआत में याचिका दायर की गई थी। हालांकि, पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव होने हैं।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने 21 जून को सीबीआई को पांच जुलाई तक आरोपों की जांच करने और सात जुलाई को अदालत के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
राज्य की अपील पर खंडपीठ ने 23 जून को सीबीआई जांच पर सोमवार तक रोक लगा दी थी।
दो याचिकाकर्ताओं- कश्मीरा बेगम और अंजुना बीबी- ने संबंधित निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाया कि नामांकन पत्र दाखिल करते समय उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई। दोनों उलुबेरिया-1 ब्लॉक के तहत पंचायत चुनाव की उम्मीदवार हैं।
अदालत ने कहा, "हमारी राय में, यह ऐसा मामला नहीं है, जिसमें सीबीआई जांच की मांग हो। हालांकि, आरोप याचिकाकर्ताओं के संवैधानिक अधिकार के उल्लंघन से संबंधित हैं, इसलिए कुछ जांच जरूरी है।"
राज्य पुलिस पर भरोसा जताते हुए, पीठ ने कहा कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए।
खंडपीठ ने कहा कि इसलिए, याचिकाकर्ताओं की किसी भी सार्वजनिक धारणा या आशंका को दूर करने के लिए अदालत ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डे से जांच की निगरानी का अनुरोध किया है।
इसने राज्य सरकार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश को जरूरी साजो-सामान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि न्यायमूर्ति डे ने कोई भी पारिश्रमिक लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि यह जिम्मेदारी सार्वजनिक हित में सामाजिक सेवा प्रदान करने के समान होगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY