देश की खबरें | 2025 तक पूरा देश डॉपलर मौसम रडार नेटवर्क के दायरे में आ जाएगा: जितेंद्र सिंह

नयी दिल्ली, 15 जनवरी केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि खराब मौसम के संबंध में मौसम विभाग के पूर्वानुमान की सटीकता में पिछले आठ से नौ वर्षों में लगभग 40 प्रतिशत सुधार हुआ है।

सिंह ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 148वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वानुमान में सुधार के साथ आपदा से संबंधित मृत्यु दर घटकर इकाई अंक में आ गई है।

उन्होंने कहा कि देश में डॉपलर रडार की संख्या 2013 में 15 से बढ़कर 2023 में 37 हो गई है। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में देश में 25 और रडार लगाये जाएंगे, जिससे इनकी संख्या बढ़कर 62 हो जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘2025 तक पूरा देश डॉपलर रडार नेटवर्क के दायरे में आ जाएगा।’’

आईएमडी ने रविवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में चार डॉपलर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर) चालू किए। इससे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में विभाग की मौसम निगरानी क्षमताओं में मजबूती आएगी। ये चार डीडब्ल्यूआर जम्मू कश्मीर में बनिहाल टॉप, हिमाचल प्रदेश में जोत और मुरारी देवी और उत्तराखंड में सुरकंडा देवी में स्थापित किए गए हैं।

सिंह ने कृषि परामर्श के लिए 200 कृषि स्वचालित मौसम केंद्र भी देश को समर्पित किए।

आईएमडी महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि विभाग के खराब मौसम पूर्वानुमान (भारी वर्षा, आंधी तूफान, कोहरा, लू, शीत लहर) में पिछले पांच वर्षों में 40 से 50 प्रतिशत सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि बारिश के अनुमानों में अनिश्चितता को दूर करने के लिए मौजूदा डॉपलर रडार को अद्यतन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में दस डॉप्लर रडार शुरू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि 2025 तक स्काई रेडियोमीटर की संख्या 20 से बढ़ाकर 30 करके पर्यावरण निगरानी नेटवर्क को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2025 तक, ब्लैक कार्बन निगरानी नेटवर्क में स्टेशन की संख्या 25 से बढ़ाकर 45 कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सतह ओजोन निगरानी नेटवर्क में स्टेशन की संख्या 7 से बढ़ाकर 25 कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि आईएमडी का लक्ष्य 2025 तक 660 जिला कृषि मौसम विज्ञान इकाइयां (डीएएमयू) स्थापित करना और इसका दायरा 2023 में 3,100 ब्लॉक से बढ़ाकर 2025 में 7,000 ब्लॉक करना है।

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