देश की खबरें | खरीदारों से धोखाधड़ी मामला:दुबई में विला तथा मुंबई एवं पुणे में अचल संपत्तियां कुर्क की गयीं

नयी दिल्ली, 29 मार्च नवी मुंबई में 1,700 घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के एक मामले में महाराष्ट्र के एक बिल्डर एवं उसके सहयोगियों की 44 करोड़ रुपये की और संपत्तियां कुर्क की गयी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को यह जानकारी दी।

ईडी ने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत की गयी कार्रवाई के तहत दुबई में एक विला, मुंबई और पुणे में मकान और भूखंड सहित अचल संपत्तियां जब्त की गयी हैं।

उसने बताया कि यह कार्रवाई ‘सुप्रीम कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड’, इसके प्रवर्तक ललित टेकचंदानी और कुछ अन्य के खिलाफ की गई है। उन पर नवी मुंबई के तलोजा में एक आवासीय परियोजना के सिलसिले में 1,700 से अधिक घर खरीदारों से 400 करोड़ रुपये की रकम इकट्ठा करने का आरोप है।

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘परियोजना में देरी के कारण घर खरीदारों को न तो फ्लैट मिला न ही पैसे वापस किये गए।’’

टेकचंदानी को पिछले साल मार्च में ईडी ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में है।

ईडी ने दावा किया कि उससे की गयी पूछताछ में खुलासा हुआ है कि घर खरीदने वालों से मिली धनराशि का बिल्डर ने निजी लाभ के लिए और अपने परिवार के सदस्यों समेत विभिन्न लोगों नामों से संपत्तियां बनाने के लिए ‘धनशोधन’ किया।

निदेशालय के मुताबिक टेकचंदानी ने कंपनी के स्वामित्व और निदेशक पद से हटने के बावजूद अन्य आरोपियों की सहायता से कंपनी की संपत्तियों का ‘हस्तांतरण’ किया।

उसने कहा कि आरोपी कंपनी से आने वाली रकम को एक सहयोगी इकाई के खाते में डाल रहे थे और इस तरह धनराशि की ‘हेराफेरी’ कर रहे थे।

धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दुबई स्थित एक विला, मुंबई में आवासीय व्यावसायिक परिसर, पुणे में भूखंड और सावधि जमाराशि की अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया गया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 44.07 करोड़ रुपये आंकी गयी है।

एजेंसी ने इससे पहले जांच के तहत 158 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।

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